पैसा नहीं तो शव नहीं? अस्पताल की गुंडागर्दी पर भारी पड़े…रमेश यदु-मनोज यादव…माफ कराया 2.70 लाख

रायपुर। कहते हैं संकट में ही अपनों की पहचान होती है। ऐसी ही एक पहचान
यादव समाज ने दी है, जिसने पूरे छत्तीसगढ़ के सामने मानवता, एकजुटता और सेवा की नई परिभाषा लिख दी।
देवभोग ब्लॉक के सुदूर गांव कुमड़ीकला के रहने वाले लीलाम्बर यादव सड़क हादसे में बुरी तरह घायल हो गए थे। परिजन उन्हें आनन-फानन में राजधानी के एक निजी अस्पताल लेकर आए। डॉक्टरों ने इलाज शुरू किया, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। सोमवार की आधी रात को जिंदगी की जंग लड़ते-लड़ते लीलाम्बर ने दम तोड़ दिया।
असली कहानी शुरू :-
इलाज के दौरान अस्पताल ने गरीब परिवार को ₹2,70,000 का भारी-भरकम बिल थमा दिया। आरोप है कि परिवार ने आयुष्मान कार्ड का लाभ देने की गुहार भी लगाई, लेकिन प्रबंधन ने अनसुना कर दिया। उससे पहले भी अलग-अलग मदों में पैसे लिए जा चुके थे। जवान बेटे को खोने के गम में डूबे परिवार के सामने अब शव को घर ले जाना भी पहाड़ बन गया। पैसे नहीं तो शव नहीं – स्थिति तनावपूर्ण हो गई।
फिर एंट्री हुई समाज के दो दिग्गजों की :-
जैसे ही खबर सर्व यादव समाज छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष रमेश यदु और समाज के फायरब्रांड नेता मनोज यादव को लगी, दोनों बिना एक मिनट गंवाए अस्पताल पहुंच गए।
रमेश यदु ने मोर्चा संभाला तो मनोज यादव ने परिवार को ढांढस बंधाया। दोनों ने अस्पताल प्रबंधन से लेकर शासन-प्रशासन तक हर दरवाजा खटखटाया। मानवता की दुहाई दी, गरीब की लाचारी समझाई, और अड़ गए कि जब तक न्याय नहीं मिलेगा, तब तक हटेंगे नहीं।
लगातार बातचीत और दबंग पैरवी का नतीजा :-
आखिरकार अस्पताल प्रबंधन को झुकना पड़ा। पूरा ₹2,70,000 का बिल माफ करना पड़ा। इतना ही नहीं, रमेश यदु और मनोज यादव की अगुवाई में समाज के लोगों ने पोस्टमार्टम की सारी औपचारिकताएं पूरी कराईं और पूरे मान-सम्मान के साथ शव को एंबुलेंस से पैतृक गांव कुमड़ीकला के लिए रवाना किया।
कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहे : –
इस दौरान प्रदेश संगठन मंत्री अभिमन्यु यादव, जिलाध्यक्ष गजानंद यादव, प्रवक्ता मित गोपाल यादव, कोषाध्यक्ष गुलेश्वर यादव, संजू यादव, नरेश यादव, राज यादव सहित सैकड़ों समाजजन परिवार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहे।
संकट में अपनों के साथ :-
समाजजनों ने कहा – “ये सिर्फ पैसों की मदद नहीं, ये भगवान श्रीकृष्ण के दिखाए प्रेम, करुणा और सेवा के मार्ग पर चलने का संकल्प है। संकट में अपनों के साथ खड़ा होना ही असली यादव धर्म है।”
आज पूरे रायपुर में एक ही चर्चा है – जब सबने हाथ खींच लिए, तब रमेश यदु और मनोज यादव ने मानवता का हाथ थाम लिया।



