पूर्व विधायक विनोद चन्द्राकर ने कलेक्टर को लिखा पत्र…मूक-बधिर बच्चों के लिए…शासकीय स्पीच थेरेपी शुरू करने की मांग…

महासमुंद। जिले के मूक-बधिर बच्चों के लिए शासकीय स्तर पर स्पीच थेरेपी की सुविधा शुरू करने की मांग तेज हो गई है। पूर्व संसदीय सचिव एवं महासमुंद के पूर्व विधायक विनोद सेवनलाल चन्द्राकर ने इस संबंध में कलेक्टर महासमुंद को पत्र लिखकर तत्काल पहल करने का आग्रह किया है।
बड़ी संख्या में मूक-बधिर बच्चे :-
अपने पत्र में चन्द्राकर ने कहा है कि जिले में पंजीकृत और अपंजीकृत बड़ी संख्या में मूक-बधिर बच्चे हैं, जिनमें अधिकतर गरीब परिवारों से आते हैं। इन बच्चों के सर्वांगीण विकास, बोलने और समझने की क्षमता बढ़ाने और समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए स्पीच थेरेपी बहुत जरूरी है, लेकिन जिले में शासकीय स्तर पर यह सुविधा उपलब्ध नहीं है।
संसाधनों का बेहतर उपयोग होगा :-
उन्होंने सुझाव दिया कि समाज कल्याण विभाग द्वारा ग्राम खैरा स्थित बहुविकलांग भवन में पहले से ही दिव्यांग बच्चों के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। यदि इसी भवन में स्पीच थेरेपी शुरू कर दी जाए तो उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग होगा और बच्चों को घर के पास ही इलाज मिल सकेगा। चन्द्राकर ने कहा कि इसके लिए समाज कल्याण विभाग की निराश्रित निधि या मंडी शुल्क से प्राप्त राशि का उपयोग किया जा सकता है। पूर्व में भी इसी निधि से बहुविकलांग भवन का निर्माण और संचालन किया गया ।
इलाज से वंचित :-
पत्र में उन्होंने यह भी बताया कि वर्तमान में एक निजी संस्था द्वारा बिना पंजीयन के स्पीच थेरेपी कराई जा रही है, जिसके लिए रोजाना करीब 500 रुपये शुल्क लिया जा रहा है। लंबी चलने वाली इस थेरेपी का खर्च गरीब परिवार नहीं उठा पा रहे हैं, जिससे कई बच्चे इलाज से वंचित रह जा रहे हैं।
बच्चों का भविष्य प्रभावित:-
पूर्व विधायक ने चेतावनी दी कि यदि जल्द पहल नहीं हुई तो जिले के सैकड़ों बच्चों का भविष्य प्रभावित होगा। उन्होंने कलेक्टर से मांग की है कि समाज कल्याण विभाग या जिला खनिज न्यास निधि (डीएमएफ) से स्पीच थेरेपी की सुविधा तत्काल शुरू करने की स्वीकृति दी जाए, ताकि जरूरतमंद बच्चों को समय पर उपचार मिले और वे आत्मनिर्भर बन सकें।




