दीर्घकालीन नीति का विरोध… नियमों की उड़ा रहे हैं धज्जियां… गली -गली में खुल गए नर्सिंग कॉलेज…

रायपुर l प्रदेश में शिक्षा स्वास्थ्य का हाल कितना बेहाल है यह बताने की जरूरत तो नहीं है, लेकिन नियमों की धज्जियां उड़ाने में भी विभाग कहीं पीछे नहीं रहता इस बात को जानना बहुत ही जरूरी है l
मामला प्रदेश नर्सिंग कॉलेज का है l जहां रिक्त सीटें भर नहीं पा रही है इसलिए दीर्घकालीन नीति बनाने की मांग की जा रही है जबकि हकीकत में देखा जाए तो इसका सबसे बड़ा कारण है चना मुर्रा की तरह गली-गली में नर्सिंग कॉलेज खुल गए है l कॉलेजेस से डिग्री तो मिल जाती है लेकिन छात्र-छात्राओं के पास प्रैक्टिकल नहीं होता l इन नर्सिंग कॉलेज में शिक्षा गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए जाते हैं l अनुभवी शिक्षकों की कमी है l
वही छत्तीसगढ़ नर्सिंग एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष अजय त्रिपाठी ने शासन प्रशासन पर कई गंभीर आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा है कि प्रदेश में व्यापम द्वारा परीक्षा ली जाती है l 30 कॉलेज की जगह वर्तमान में 140 कॉलेज खुल गए हैं तो कहां से सीटें
खाली नहीं रहेगी उन्होंने यह भी आरोप लगाया है कि जितने भी प्रदेश में नर्सिंग कॉलेज हैं वहां अनुभवी शिक्षकों की कमी है छात्र-छात्राओं को ज़मीनी स्तर पर कोई ज्ञान नहीं है केवल डिग्री हाथ पर है l स्वास्थ्य विभाग केवल भ्रष्टाचार करने में लिप्त है ऊंचे पदों पर बैठे अधिकारी भी अपनी आंख बंदकर काम कर रहे है l




