केदार कि पैनी नजर…करोडो- अरबो का घोटाला…ईओडब्लू- एसीबी की टेंशन…

रायपुर l विभागों में भ्रष्टाचार को रोक पाना इतना आसान नहीं होता l लेकिन अधिकारी -कर्मचारियों में दहशत जरूर लाया जा सकता है l चाहे सरकार किसी की भी हो l अपेक्स बैंक में भी शायद यही चल रहा है l
करोड़ों का घोटाला सिंडिकेट करता है काम:-
सहकारिता से जुड़े इस बैंक में अब तक करोड़ों, अरबो के घोटाले हुए हैं l लेकिन घोटाले बाजों के खिलाफ आज तक कोई ठोस कार्यवाही नहीं हुई l क्योंकि सूत्रों की माने तो करोडो का घोटाला करने के लिए एक सिंडिकेट काम करता है l वह सिंडिकेट होता है हेड ऑफिस से जुड़े वह तमाम वरिष्ठ अधिकारी l जो भ्रष्टाचार उजागर होने पर उनके खिलाफ कार्यवाही की खानापूर्ति करते है l जैसे जांच टीम बनाई जाती है जांच में भी वही अधिकारी रहते हैं जहां कुल मिलाकर जांच के नाम पर सेटिंग हो जाती है l कुलमिलाकर मामला ठंडा बस्ता में चला जाता है l
किसी अध्यक्ष ने नहीं दिखाई रुचि:-
लेकिन इस बार कुछ अलग ही हो रहा है l क्योंकि अपेक्स बैंक की कमान केदार गुप्ता के हाथ में है l हर घोटाले पर पैनी नजर रखे हुए हैं l छत्तीसगढ़ में किसान क्रेडिट घोटाले की जानकारी जैसे ही केदार गुप्ता को हुई उन्होंने तत्काल प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस बात से अवगत कराया कि कैसे घोटाला किया जाता था l लेकिन अब इस पर रोक लगा दी गई है l और जहां-जहां घोटाले हुए हैं जिन अधिकारियों द्वारा किया गया है उनके खिलाफ कार्रवाई की बात कही गई l और अब वैसा होने भी लगा है l मामला ईओडब्ल्यू और एसीबी तक पहुंच चुका है l बैंक के इतिहास के पन्नों को अगर पलटाया जाए जाए तो आज तक किसी अध्यक्ष ने ऐसी कार्यवाही के लिए रुचि नहीं दिखाई l लेकिन केदार गुप्ता ने भी ठान लिया है कि सरकार ने जो जिम्मेदारी उन्हें दी है उसे गंभीरता से निभाएंगे l
आखिर हो क्या रहा है:-
लेकिन दूसरी ओर दोषी अधिकारियों के साथ-साथ उन अधिकारियों को भी अब डर सताने लगा है जिन्होंने उन घोटाले बाजों से जमकर वसूली कि है l प्रबंध संचालक भी परेशान है कि आखिर हो क्या रहा है l उन्हें भी अपनी कुर्सी डोलते हुए नजर आ रही है l सूत्रों की माने तो गलत कर रहे हैं केदार उन्हें लगता है की बैंक की छवि धूमिल हो रही है l वही अध्यक्ष के समर्थक सूत्रों की माने तो बिल्कुल ठीक हो रहा है इससे उन लोगों में भय का माहौल रहेगा l कुल मिलाकर केदार गुप्ता ने यह तो बता दिया है कि सब कुछ ठीक किया जा सकता है घोटाले को पूरी तरह से रोका तो नहीं जा सकता लेकिन हां लगाम जरूर लगाई जा सकती है l वही सरगुजा संभाग के एक बैंक अधिकारी ने बताया कि हेड ऑफिस में एक जातिगत ट्रंप कार्ड खेला जा रहा है l जो बरमकेला के तत्कालीन ब्रांच मैनेजर बाघमारे को बचाने के लिए किया जा रहा है l उन्हें सांत्वना दी जा रही है कि जेल की सजा ही काफी है अब कोई कार्यवाही नहीं होगी l हम अपने अधिकारी को बचा लेंगे l इन अधिकारियों की माने तो ईओडब्ल्यू और एसीबी में कार्रवाई के लिए काफी प्रशासनिक कार्रवाई से गुजरना होगा l इस मामले कि जानकारी मंत्रालय में सहकारिता विभाग के अधिकारी से ली गई तो उन्होंने बताया की प्रक्रिया तेज गति में है l



