न्याय के मंदिर में भ्रष्टाचार…मनोज सिंह ठाकुर ने मुख्यमंत्री निवास पहुंचकर रेंट कंट्रोल ट्रिब्यूनल के विरुद्ध किया शंखनाद…साक्ष्य में सौंपी ऑडियो पेनड्राइव…

रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी स्थित रेंट कंट्रोल ट्रिब्यूनल में व्याप्त भ्रष्टाचार और अवैध वसूली के विरुद्ध अधिवक्ता एवं कांग्रेस नेता मनोज सिंह ठाकुर (पूर्व सदस्य, छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण मंडल) ने गुरूवार मुख्यमंत्री निवास पहुंचकर ट्रिब्यूनल के राजस्व अधिकारी मुकेश ठाकुर एवं कार्यकारी अध्यक्ष गंगाधर पटेल के विरुद्ध साक्ष्यों के साथ लिखित शिकायत प्रस्तुत की। जिम्मेदार
अधिकारियों के द्वारा:-
मुख्यमंत्री निवास में सौंपी गई इस शिकायत के साथ मनोज सिंह ठाकुर ने एक पेनड्राइव संलग्न की है। इस पेनड्राइव में ट्रिब्यूनल के जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा प्रकरणों के निपटारे और पक्ष में आदेश पारित करने हेतु किए जा रहे लेनदेन का ऑडियो साक्ष्य मौजूद है। श्री ठाकुर ने बताया कि विश्वस्त सूत्रों से मिली जानकारी और इस ऑडियो साक्ष्य ने ट्रिब्यूनल के भीतर चल रहे भ्रष्टाचार के सिंडिकेट को उजागर किया है।
मालिक और किराएदार न्याय की आस में :-
शिकायत प्रस्तुत करने के पश्चात मीडिया से चर्चा करते हुए मनोज सिंह ठाकुर ने कहा, “रेंट कंट्रोल ट्रिब्यूनल वह संस्थान है जहाँ पीड़ित मकान मालिक और किरायेदार न्याय की आस लेकर आते हैं। यदि ऐसे स्थानों पर जिम्मेदार अधिकारी ही ‘न्याय की नीलामी’ करने लगें, तो यह अक्षम्य अपराध है। एक राजनीतिक व्यक्ति, सामाजिक कार्यकर्ता तथा अधिवक्ता होने के नाते मेरा यह कर्तव्य है कि मैं न्याय की इस संस्था की पवित्रता को बचाने के लिए भ्रष्टाचार के विरुद्ध इस लड़ाई को निर्णायक मोड़ तक लेकर जाऊं।”
निष्पक्ष जांच हेतु पदमुक्ति की मांग:-
अधिवक्ता ठाकुर ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि सौंपे गए ऑडियो साक्ष्य की तत्काल फॉरेंसिक जांच कराई जाए। साथ ही, जांच की निष्पक्षता सुनिश्चित करने हेतु राजस्व अधिकारी मुकेश ठाकुर एवं अध्यक्ष गंगाधर पटेल को तत्काल प्रभाव से पदमुक्त किया जाए और दोषियों के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कड़ी दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।



