Breaking News
छंद-जलहरण घनाक्षरी…

*चम्पारण्य*
आध्यात्मिक शुभ धाम, चम्पारण देव ग्राम,
दर्शन देते हैं नाथ,
*शिव प्रभु चम्पेश्वर।*
कामना हो पूर्ण जहाँ, श्रद्धालु आते हैं वहाँ,
जपते हैं शिव-शिव,
*महादेव हर-हर।*
शिव शीश धारे नीर, हर लेते सारे पीर,
“सुषमा”आशीष मिले,
*बम-बम बोल कर।*
आँक समी बेलपत्र, धतूरा कनेर पुष्प,
श्रद्धा भाव लिए डाले,
*एक लोटा जल भर।*(१)
~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~
आकर्षण केन्द्र बिन्दु, बैठकी वल्लभाचार्य,
चम्पारण धरा धाम,
*आते यहाँ नारी-नर।*
पुष्टिमार्ग प्रवर्तक, संप्रदाय सुधारक,
‘सुषमा’ प्रसिद्ध प्रेम,
*राधे कृष्ण है अमर।*
चंपारण्य पुण्य ग्राम, रायपुर मध्यप्रांत,
वनांचल बीच बसा,
*ध्वज उड़े फर-फर।*
भारतीय दार्शनिक, हिंदू संत जन्मस्थली।*
भव्यता से परिपूर्ण,
*प्रकृति है मनहर।*(२)
~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~


