खुलेआम हो रहा है देहव्यापार…स्पा सेंटर और ब्यूटी पार्लर की आड़ मे… पैर पसार चुका है यह धंधा…

रायपुर 08 जून l छत्तीसगढ़ की राजधानी सहित पूरे प्रदेश में स्पा और ब्यूटी पार्लर की आड़ में पैर पसार चुका है देह व्यापार का संगठित नेटवर्क l वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं अधिवक्ता मनोज सिंह ठाकुर ने इस पर अंकुश लगाने चौतरफा कार्रवाई की मांग की l
उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ की शांत, मर्यादित और सांस्कृतिक पहचान को धूमिल किया जा रहा है l शायद ही कोई ऐसा कोना, जिला या मोहल्ला बचा हो, जहाँ ‘स्पा सेंटर’ और ‘ब्यूटी पार्लर’ की आड़ में अवैध देह व्यापार का घिनौना खेल न चल रहा हो। पूरे छत्तीसगढ़ को शर्मसार करने वाले इस संगठित अपराध पर कड़ा रुख अख्तियार करते हुए वरिष्ठ कांग्रेस नेता, अधिवक्ता एवं पूर्व सदस्य छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण मंडल मनोज सिंह ठाकुर ने शासन-प्रशासन और उच्च पुलिस अमले को राज्यव्यापी गंभीरता को देखते हुए चौतरफा व्यापक जांच व कठोर दंडात्मक कार्रवाई की मांग की है।
मनोज सिंह ठाकुर कहा कि आज न केवल छत्तीसगढ़ की राजधानी के वीआईपी रोड, विधानसभा रोड, रिंग रोड (1, 2 और 3), तेलीबांधा, कटोरा तालाब, शंकर नगर, पंडरी, समता कॉलोनी, चौबे कॉलोनी, टाटीबंध, सरोना, भनपुरी, पचपेड़ी नाका, अमलीडीह, न्यू राजेंद्र नगर, मोवा और सड्डू जैसे प्रमुख मार्ग व आवासीय मोहल्ले, बल्कि प्रदेश के अन्य बड़े शहरों और जिला मुख्यालयों के शांत इलाके भी इस अवैध धंधे की चपेट में आ चुके हैं। स्पा और पार्लर की आड़ में इस काले कारोबार का जाल पूरे प्रदेश में फैलाया जा रहा है।
बाहरी राज्यों से लड़कियों को लाकर छत्तीसगढ़ में फैलाया जा रहा नेटवर्क l
उन्होंने अत्यंत चिंता जताते हुए कहा कि स्थानीय और बाहरी राज्यों (जैसे नॉर्थ-ईस्ट, कोलकाता, दिल्ली, ओडिशा और मुंबई) से लड़कियों को भारी तादाद में ब्यूटी पार्लर, थेरेपी और स्पा में काम दिलाने के बहाने छत्तीसगढ़ लाया जा रहा है। इसके बाद राजधानी रायपुर सहित प्रदेश के विभिन्न रिहायशी इलाकों के मकानों, फ्लैटों और कमर्शियल कॉम्प्लेक्सों को किराये पर लेकर इस अवैध देह व्यापार (Prostitution) व मानव तस्करी (Human Trafficking) के अंतर्राज्यीय नेटवर्क को बेखौफ संचालित किया जा रहा है, जो छत्तीसगढ़ की कानून-व्यवस्था के लिए एक बहुत बड़ी चुनौती बन चुका है। घरेलू और पारिवारिक माहौल पूरी तरह दूषित हो चुका ठाकुर ने यह भी बताया कि इन सेंटरों के कारण छत्तीसगढ़ के पारंपरिक, शांत और पारिवारिक मोहल्लों का माहौल पूरी तरह से दूषित हो चुका है। दिन-रात संदिग्ध और असामाजिक तत्वों की आवाजाही, महंगे वाहनों का जमावड़ा और वहां होने वाली अनैतिक गतिविधियों के कारण स्थानीय नागरिकों, महिलाओं, युवतियों और बच्चों का अपने ही घरों से बाहर निकलना और सुरक्षित महसूस करना दूभर हो गया है। कई जगहों पर तो स्थानीय निवासियों द्वारा विरोध करने पर रसूखदारों और संचालकों द्वारा डराया-धमकाया भी जाता है।
कानून की सरेआम धज्जियां, प्रशासन मौन क्यों? :-
कानूनी पहलुओं को उठाते हुए कहा गया कि यह कृत्य सीधे तौर पर ‘अनैतिक व्यापार (निवारण) अधिनियम, 1956’ का खुला उल्लंघन है। इन संस्थानों में न तो आने वाले ग्राहकों का कोई उचित पुलिस वेरिफिकेशन होता है, न ही काम करने वालों का चरित्र सत्यापन किया जाता है। अधिकांश जगहों पर सीसीटीवी कैमरों और शासकीय गाइडलाइंस की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।
पूरे प्रदेश और राजधानी में एक साथ ‘कमांडो रेड’ और कड़े कानून की मांग
अधिवक्ता मनोज सिंह ठाकुर ने मुख्यमंत्री ,गृहमंत्री, पुलिस महानिदेशक , कलेक्टर और पुलिस कामिसरेट से पुरजोर मांग की है कि किसी एक दुकान या वीडियो को टारगेट करने के बजाय, राजधानी सहित पूरे प्रदेश के सभी संवेदनशील थाना क्षेत्रों में एक साथ संयुक्त रूप से ‘स्पेशल कंबाइंड टास्क फोर्स’ बनाकर आकस्मिक छापामार कार्रवाई की जाए। जितने भी स्पा और पार्लर बिना वैध नियमों के या संदिग्ध गतिविधियों में लिप्त पाए जाएं, उन्हें तत्काल सील कर, उनके मुख्य सरगनाओं, मकान मालिकों और संचालकों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जाए। यदि प्रशासन जल्द ही इस पर ठोस कदम नहीं उठाता है, तो छत्तीसगढ़ के गौरव, अस्मिता और सुरक्षा की रक्षा हेतु आम नागरिकों व मातृशक्ति को साथ लेकर पूरे प्रदेश में उग्र आंदोलन की रूपरेखा तैयार की जाएगी।



