एनएलसी इंडिया के बोर्ड में ….स्वतंत्र निदेशक बने पूनम चंद्राकर

रायपुर 18 जुलाई । भारत सरकार के कोयला मंत्रालय ने सार्वजनिक क्षेत्र की नवरत्न कंपनी एनएलसी इंडिया लिमिटेड (NLCIL) के निदेशक मंडल में बड़ी नियुक्ति की है। कोयला मंत्रालय द्वारा जारी आदेश संख्या No.21/21/2022-Estt (B) के अनुसार, राष्ट्रपति की स्वीकृति से श्री पूनम चंद्राकर को कंपनी के बोर्ड में गैर-सरकारी स्वतंत्र निदेशक (Non-official Independent Director) के रूप में नियुक्त किया गया है।
नियुक्ति की अधिसूचना जारी :-
यह आदेश कोयला मंत्रालय के अनुभाग अधिकारी अरिक बसु रॉय चौधरी द्वारा 15 जुलाई 2026 को जारी किया गया है। पत्र अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक, एनएलसी इंडिया लिमिटेड, नेवेली (तमिलनाडु) को संबोधित है।
आदेश के अनुसार, पूनम चंद्राकर का कार्यकाल उनकी नियुक्ति की अधिसूचना जारी होने की तिथि से 3 वर्ष तक या अगले आदेश तक, जो भी पहले हो, तक रहेगा।
गवर्नेंस और प्रबंधन को मिलेगी मजबूती :-
गौरतलब है कि एनएलसी इंडिया लिमिटेड, कोयला मंत्रालय के अधीन एक प्रमुख सार्वजनिक उपक्रम है, जो लिग्नाइट खनन और बिजली उत्पादन के क्षेत्र में काम करती है।
बैठकों में कंपनी के बड़े फैसलों पर:-
इस आदेश से छत्तीसगढ़ में सीधे तौर पर कोई फैक्ट्री या प्रोजेक्ट नहीं आएगा, लेकिन अप्रत्यक्ष रूप से इसका फायदा जरूर है।
समझिए 2 बातें:
1. ये पद क्या होता है?
गैर-सरकारी स्वतंत्र निदेशक, सरकार द्वारा बोर्ड में रखा गया एक स्वतंत्र व्यक्ति होता है। वह कंपनी का रोज का काम नहीं देखता, बल्कि बोर्ड की बैठकों में कंपनी के बड़े फैसलों, नीतियों और भ्रष्टाचार रोकने में अपनी राय देता है।
2. छत्तीसगढ़ को क्या फायदा हो सकता है?
• राज्य की आवाज दिल्ली तक: NLC इंडिया लिमिटेड तमिलनाडु की कंपनी है, पर यह कोयला मंत्रालय के अधीन है। छत्तीसगढ़ देश का सबसे बड़ा कोयला उत्पादक राज्य है। अगर बोर्ड में छत्तीसगढ़ से जुड़े व्यक्ति हैं, तो कोयला, बिजली और खनन से जुड़ी नीतियों में छत्तीसगढ़ के हितों और मुद्दों की समझ बेहतर पहुंचेगी।
एक बड़ी उपलब्धि :-
पूनम चंद्राकर छत्तीसगढ़ से हैं। एक राष्ट्रीय स्तर की नवरत्न कंपनी के बोर्ड में प्रदेश के व्यक्ति का पहुंचना, पूरे प्रदेश के युवाओं और प्रतिभाओं के लिए एक बड़ी उपलब्धि है।




