जिला सहकारी केंद्रीय बैंक अध्यक्ष के नियुक्ति पर उठे सवाल …कालातीत और भ्रष्टाचार की शिकायत…


रायपुर/अंबिकापुर। जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित अंबिकापुर, सरगुजा के अध्यक्ष रामकिशुन सिंह की नियुक्ति को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं। सीतापुर निवासी रामकुमार अग्रवाल ने आयुक्त एवं पंजीयक, सहकारी संस्थाएं छत्तीसगढ़ को लिखित शिकायत सौंपकर अध्यक्ष को पद से हटाने और योग्य सदस्य की नियुक्ति की मांग की है।
समयावधि में ही कालातीत हो चुका है ;-
सीतापुर निवासी राजकुमार अग्रवाल द्वारा भेजे गए पत्र में आरोप लगाया गया है कि अध्यक्ष रामकिशुन सिंह ने 02.04.2009 को छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी बैंक मर्यादित बिलासपुर से खाता क्रमांक 604005019761 के तहत प्रो. मैसर्स बाबा टांगीनाथ स्टोन क्रेशर, गंगापुर मेनरोड अंबिकापुर के नाम से ऋण लिया था। शिकायत के अनुसार यह ऋण उनके अध्यक्ष पद पर नियुक्ति की समयावधि में ही कालातीत हो चुका है।
सदस्य बनने योग्य नहीं:-
शिकायत में कहा गया है कि “सहकारी अधिनियम के तहत कालातीत ऋणी सदस्य अध्यक्ष, संचालक या मनोनीत सदस्य बनने योग्य नहीं है और न ही वह समिति/बैंक का नेतृत्व या प्रतिनिधित्व कर सकता है।”
दस्तावेजों की फाइलें गायब :-
इसके साथ ही पत्र में बैंक के मुख्यकार्यपालन अधिकारी श्रीकांत चंद्राकर और अध्यक्ष पर पदस्थ कर्मचारी अजीत सिंह “सहायक मुख्य पर्यवेक्षक” को संरक्षण देने का भी आरोप लगा है। शिकायतकर्ता का कहना है कि अजीत सिंह के विरुद्ध भ्रष्टाचार, गबन और बैंक नियम विरुद्ध कार्य की कई प्रमाणित शिकायतें होने के बाद भी कोई कार्यवाही नहीं की गई। आरोप है कि धौरपुर शाखा सहित अन्य शाखाओं के भ्रष्टाचार संबंधी दस्तावेजों की फाइलें गायब कराई जा रही हैं और कर्मचारियों को डरा-धमकाकर बैंक अध्यक्ष व सीईओ के नाम से कमीशन वसूली कराई जा रही है।
अध्यक्ष पद से हटाया जाए :-
शिकायतकर्ता ने मांग की है कि बैंक की साख को देखते राम किशुन सिंह की पात्रता का परीक्षण कर वैधानिक कार्यवाही करते हुए उन्हें अध्यक्ष पद से हटाया जाए और योग्य सदस्य को अध्यक्ष पद पर चयन/मनोनित किया जाए।



