स्मार्ट मीटर के खिलाफ हल्ला-बोल,…5000 मीटर रीडरों की नौकरी पर संकट…भूपेश बघेल बोले – सरकार कॉरपोरेट को दे रही फायदा…
स्मार्ट मीटर बना जी का जंजाल - 400 वाला बिल 10 हजार, डंगनिया में हजारों मीटर रीडरों का हल्ला-बोल

रायपुर, 27 जुलाई। राजधानी के डंगनिया में आज विद्युत मीटर रीडिंग श्रमिक संघ के बैनर तले हजारों मीटर रीडरों ने एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन कर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। प्रदर्शन को छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री एवं AICC के राष्ट्रीय महासचिव भूपेश बघेल ने मुख्य अतिथि के रूप में समर्थन दिया।
धरना स्थल पर मीटर रीडर संघ के संरक्षक सुशील सन्नी अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में श्रमिक मौजूद रहे।
स्मार्ट मीटर पर फूटा गुस्सा :-
प्रदर्शनकारियों ने जआरोप लगाया कि स्मार्ट मीटर के नाम पर जनता और मजदूर दोनों को ठगा जा रहा है। पहले जहां आम उपभोक्ता का बिल 300-400 रुपये आता था, वहीं अब स्मार्ट मीटर लगने के बाद 5 हजार से 10 हजार रुपये तक बिल आ रहे हैं। संघ ने सवाल उठाया कि सरकार को बताना चाहिए कि आखिर इस योजना से किस बड़े कॉरपोरेट घराने को फायदा पहुंचाया जा रहा है।
मीटर रीडरों की 3 बड़ी मांगें:-
1. प्रीपेड प्रणाली लागू करने से पहले 5000 मीटर रीडरों के लिए वैकल्पिक रोजगार और समायोजन की नीति बनाई जाए।
2. रोजगार संरक्षण और पुनर्वास की ठोस व्यवस्था होने तक प्रीपेड प्रणाली पर रोक लगे।
3. सरकार 5000 मीटर रीडरों के प्रतिनिधिमंडल से तत्काल बैठक कर स्थायी समाधान निकाले।
भूपेश बघेल ने कहा कि सरकार को श्रमिकों की आवाज सुननी होगी। रोजगार की सुरक्षा और जनहित की कीमत पर कोई भी व्यवस्था स्वीकार नहीं की जाएगी।
इस अवसर पर रायपुर पश्चिम के पूर्व विधायक विकास उपाध्याय, अध्यक्ष संतोष यादव, उपाध्यक्ष अशोक कुमार साहू, पूर्व महापौर प्रमोद दुबे सहित कांग्रेस के अनेक वरिष्ठ नेता और बड़ी संख्या में श्रमिक साथी उपस्थित रहे



