अमलीडीह में 150 छात्र बने…सड़क सुरक्षा के जागरूकता दूत… ACP सीमा अहिरवार बोली…नेतृत्व अधिकार नहीं, जिम्मेदारी है..,

रायपुर, 31 जुलाई । अनुशासित विद्यार्थी ही सशक्त समाज की नींव होते हैं और सुरक्षित विद्यार्थी ही सुरक्षित भविष्य का निर्माण करते हैं। इसी संदेश के साथ आज रायपुर ट्रैफिक पुलिस ने स्कूली छात्रों को जागरूकता का पाठ पढ़ाया।
डीसीपी यातायात, पुलिस कमिश्नरेट रायपुर डॉ. अर्चना झा के निर्देशन में एसीपी यातायात श्रीमती सीमा अहिरवार आज अमलीडीह स्थित श्री चैतन्य टेक्नो स्कूल में आयोजित इन्वेस्टिचर सेरेमनी में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं।
इस दौरान उन्होंने नवनिर्वाचित हेड बॉय, हेड गर्ल और सभी छात्र पदाधिकारियों को बधाई देते हुए 150 से अधिक छात्र-छात्राओं को अनुशासन और सड़क सुरक्षा का महत्व समझाया।
एसीपी सीमा अहिरवार ने कहा कि नेतृत्व का मतलब अधिकार जताना नहीं, बल्कि जिम्मेदारी, सेवा, अनुशासन और टीम भावना है। उन्होंने छात्रों से कहा कि वे अपने आचरण से स्कूल, परिवार और समाज के लिए प्रेरणा बनें।
सड़क सुरक्षा पर विशेष जोर देते हुए उन्होंने स्पष्ट कहा कि 18 वर्ष की आयु पूर्ण होने से पहले किसी भी तरह का दोपहिया या चारपहिया वाहन न चलाएं। वैधानिक उम्र पूरी होने के बाद भी हेलमेट, सीट बेल्ट और सभी यातायात नियमों का अनिवार्य रूप से पालन करें।
उन्होंने कहा कि यातायात नियमों का पालन केवल कानूनी दायित्व नहीं, बल्कि खुद और दूसरों की जान की सुरक्षा के प्रति हमारी नैतिक जिम्मेदारी है।
अंत में सभी विद्यार्थियों से आह्वान किया गया कि वे स्कूल में मिली यातायात संबंधी जानकारी को अपने परिवार, दोस्तों और समाज में ज्यादा से ज्यादा साझा करें और सड़क सुरक्षा के जागरूकता दूत बनें।



