छत्तीसगढ़

इंसानियत अभी जिंदा है..,रायगढ़ की मां के लिए… राजधानी तक दौड़ा हेल्पिंग हैंड क्लब… मदद की दौड़…5 घंटे में पहुंचाया अस्पताल

रायपुर 17 सितंबर । मानव सेवा ही सबसे बड़ी सेवा है, इस कहावत को चरितार्थ किया है हेल्पिंग हैंड क्लब फाउंडेशन के सदस्यों ने।

16 सितंबर को फाउंडेशन के सक्रिय सदस्य अविनाश बोस को सूचना मिली कि रायगढ़ का एक परिवार अत्यंत खराब आर्थिक स्थिति के कारण अपनी माता का इलाज कराने में असमर्थ है।

मदद के लिए एकजुट :-

मानवता का परिचय देते हुए अविनाश ने तत्काल इसकी जानकारी फाउंडेशन के अन्य सदस्यों को दी। सूचना मिलते ही फाउंडेशन के सभी सदस्य मदद के लिए एकजुट हो गए।

फाउंडेशन के अध्यक्ष अंकित अग्रवाल ने तुरंत श्री बालाजी हॉस्पिटल, मोवा, के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. देवेंद्र नायक से संपर्क किया। डॉ. नाइक ने कहा कि मरीज का निशुल्क इलाज श्री बालाजी हॉस्पिटल में किया जाएगा।

मदद का सिलसिला शुरू हुआ :-

दवाइयों की जिम्मेदारी: अध्यक्ष अंकित अग्रवाल एवं श्रीमती बबीता अग्रवाल ने स्वयं ली।

एंबुलेंस की जिम्मेदारी: फाउंडेशन की सदस्य श्रीमती भारती मोदी एवं श्रीमती ज्योति अग्रवाल ने रायगढ़ से रायपुर तक एंबुलेंस की पूरी व्यवस्था की।

रहने-खाने की जिम्मेदारी अविनाश ने ली:-

तत्परता ऐसी कि मरीज से पहले डॉक्टर तैयार

17  सितंबर को सुबह 11:00 बजे मरीज को रायगढ़ हॉस्पिटल से एंबुलेंस द्वारा श्री बालाजी हॉस्पिटल, मोवा रायपुर के लिए रवाना किया गया। शाम 4:30 बजे एंबुलेंस मरीज को लेकर अस्पताल पहुंची। सबसे सराहनीय बात यह रही कि मरीज और एंबुलेंस के पहुंचने से पहले ही हेल्पिंग हैंड क्लब के सदस्य और डॉ. देवेंद्र नायक की पूरी टीम अस्पताल में मौजूद थी और आते ही तुरंत चिकित्सा शुरू कर दी गई।

यह पहला मामला नहीं है। हेल्पिंग हैंड क्लब फाउंडेशन द्वारा ऐसे कई जरूरतमंद मरीजों को श्री बालाजी हॉस्पिटल भेजा गया है, जिनका डॉ. देवेंद्र नाइक सर ने निशुल्क उपचार किया है।

इसके लिए हेल्पिंग हैंड क्लब फाउंडेशन के सभी सदस्यों ने श्री बालाजी हॉस्पिटल, मोवा रायपुर और डॉ. देवेंद्र नायक सर का कोटि-कोटि आभार व्यक्त किया है।

फाउंडेशन के अध्यक्ष अंकित अग्रवाल एवं सभी सदस्यों ने कहा – “हमारा प्रयास रहेगा कि हम इसी तरह जितने भी जरूरतमंद लोगों की मदद कर सकें, करते रहेंगे।”

Related Articles

Back to top button