कुशालपुर में जनता की आंखों में धूल.. चौड़ीकरण गायब…296 लाख का ‘डामर-ड्रामा…जाम वहीं का वहीं…

रायपुर 29 अक्टूबर । वामनराव लाखे वार्ड क्र. 66 के कुशालपुर-प्रोफेसर कॉलोनी मार्ग पर आज हुआ भूमिपूजन विकास नहीं, विनाश का भूमिपूजन है। लोक निर्माण विभाग (PWD) द्वारा 296.85 लाख की लागत से हो रहे डामरीकरण को अधिवक्ता एवं छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण मंडल के पूर्व सदस्य मनोज सिंह ठाकुर ने सीधे-सीधे “राजनीतिक दिखावा और जनता के गाढ़े पसीने की कमाई का खुला दुरुपयोग” करार दिया है।
संतोषी चौक पर नेताओं ने फीता काटा, नारियल फोड़ा और फोटो खिंचवाई, लेकिन जमीन पर जो सबसे बड़ी समस्या है – उसे जानबूझकर दफन कर दिया गया।
असली खेल क्या है :-
मनोज ठाकुर ने कहा – “क्षेत्र की मांग डामर की नहीं, चौड़ीकरण की है।”
गोपिया पारा से रिंग रोड तक, रिंग रोड चौक से तिरंगा चौक, संतोषी चौक और माँ दंतेश्वरी मंदिर होते हुए गोपिया चौक तक – ये पूरा स्ट्रेच नरक बन चुका है। सड़क इतनी संकरी है कि दो गाड़ियां एक साथ निकल नहीं सकतीं।
रोज का हाल:-
सुबह-शाम भीषण जाम, हजारों वाहन रेंगते हैं
। स्कूली बच्चों की बसें घंटों फंसी रहती हैं
एंबुलेंस तक को रास्ता नहीं मिलता, मरीज तड़पता रहता है
हर मोड़ पर एक्सीडेंट का खतरा
ऐसी मौत वाली सड़क पर बिना चौड़ीकरण के सिर्फ ऊपर से डामर बिछाना – ये मरहम नहीं, कफन पर इत्र छिड़कने जैसा है।
मनोज के तीखे सवाल PWD को देने होंगे जवाब –
चौड़ीकरण क्यों नहीं :-
जब मूल बीमारी सड़क का संकरापन है तो सिर्फ डामर का दिखावा क्यों? क्या टेंडर में कमीशन का खेल है?
296 लाख का टिकाऊ क्या है:-
संकरी सड़क पर भारी ट्रैफिक से ये डामर 6 महीने में उखड़ जाएगा, फिर कौन जिम्मेदार होगा?
जनता की जान सस्ती है क्या:-
जब तक सड़क चौड़ी नहीं होगी, जाम और हादसे कैसे रुकेंगे? प्रशासन आंख बंद क्यों किए बैठा है?
उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर PWD ने जनता की मांग – पहले चौड़ीकरण, फिर मजबूत और टिकाऊ सड़क निर्माण – नहीं मानी तो क्षेत्र की जनता के साथ मिलकर बड़ा आंदोलन किया जाएगा। ये जनता के पैसों की बर्बादी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।




