छत्तीसगढ़

खदान में सुरक्षा, तकनीक से संरक्षा : MATS में एक्सपर्ट्स ने दिए टिप्स

रायपुर 29 अक्टूबर। MATS विश्वविद्यालय, आरंग के MATS स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (MSEIT) के खनन अभियांत्रिकी विभाग द्वारा खनन सुरक्षा, दुर्घटना रोकथाम एवं रिमोट सेंसिंग तकनीक के उपयोग पर एक दिवसीय कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया।

कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों एवं संकाय सदस्यों को खनन क्षेत्र में सुरक्षा प्रबंधन की आधुनिक चुनौतियों और उभरती प्रौद्योगिकियों से रूबरू कराना था।

कार्यशाला में NIT रायपुर के दो प्रतिष्ठित विशेषज्ञों ने व्याख्यान दिए।

डॉ. आशीष कुमार दाश, एसोसिएट प्रोफेसर, NIT रायपुर ने “भारतीय खनन में दुर्घटना रोकथाम और सुरक्षा प्रबंधन” विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने कहा कि जोखिम मूल्यांकन, खतरों की पहचान, सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन और सुरक्षित कार्य संस्कृति ही खनन दुर्घटनाओं को कम कर सकती है। जागरूकता से ही खदान श्रमिकों के जीवन को सुरक्षित रखा जा सकता है।

डॉ. मोहम्मद मनीब मसूद, फैकल्टी, NIT रायपुर ने “खदानों में रिमोट सेंसिंग तकनीक” पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि कैसे रिमोट सेंसिंग से खदान नियोजन, गतिविधियों की निगरानी, भूमि उपयोग का आकलन और पर्यावरणीय प्रभाव की सटीक निगरानी की जा सकती है। यह तकनीक लागत घटाने के साथ-साथ सतत और पर्यावरण-अनुकूल खनन को बढ़ावा देती है।

इस कार्यशाला से विद्यार्थियों को अकादमिक ज्ञान के साथ-साथ उद्योग की वास्तविक जरूरतों को समझने का अवसर मिला।

यह कार्यक्रम कुलाधिपति श्री गजराज पगारिया, महानिदेशक श्री प्रियेश पगारिया, कुलपति डॉ. के. पी. यादव, कुलसचिव श्री गोकुलानंद पांडा और निदेशक श्री बृजेश पटेल के मार्गदर्शन में आयोजित हुआ।

कार्यक्रम के सफल संचालन में विभागाध्यक्ष डॉ. घनश्याम शाकार, डॉ. संदीप कुमार साहू, श्री चोमन आदिल और श्री लोकमान्य पटेल का विशेष योगदान रहा। अंत में विभाग ने आमंत्रित विशेषज्ञों के प्रति आभार व्यक्त किया।

समापन अवसर पर कुलाधिपति श्री गजराज पगारिया ने खनन अभियांत्रिकी विभाग को इस तरह की उद्योगोन्मुखी कार्यशाला के आयोजन के लिए बधाई दी और कहा कि विश्वविद्यालय भविष्य में भी सुरक्षा और तकनीक आधारित शिक्षा को बढ़ावा देता रह

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