लोकतंत्र पर हमला या नाकामी छिपाने की साजिश…ट्रेन रद्द करने पर…भाजपा पर बरसे पूर्व विधायक विनोद चंद्राकर

महासमुंद 25 अक्टूबर । वोट चोरी के मुद्दे पर राहुल गांधी के सवालों से घबराई केंद्र और प्रदेश की भाजपा सरकार अब तानाशाही पर उतर आई है। यह आरोप पूर्व संसदीय सचिव एवं महासमुंद के पूर्व विधायक विनोद सेवन लाल चंद्राकर ने लगाया है।
चंद्राकर ने कहा कि मोदी सरकार संवैधानिक विरोध को दबाने के लिए आम जनता के आवागमन के सबसे बड़े साधन रेलवे को ही हथियार बना रही है।
उन्होंने कहा कि वैवाहिक सीजन में जब लोगों ने महीनों पहले कंफर्म टिकट बुक कराए थे, ठीक उसी वक्त झारसुगुड़ा में नॉन इंटरलॉकिंग के नाम पर 50 से ज्यादा लंबी दूरी की ट्रेनें रद्द कर दी गईं। इनमें हावड़ा-पुणे दुरंतो, पुणे-हावड़ा दुरंतो, टाटानगर-नेताजी सुभाष चंद्र बोस, इतवारी-टाटानगर, सूरत-मालदा टाउन, कामाख्या-LTT, दुर्ग-हटिया, हटिया-दुर्ग, बिलासपुर-बक्सर, पोरबंदर-सांतरागाछी, हावड़ा-अहमदाबाद, अहमदाबाद-हावड़ा सहित छत्तीसगढ़ से गुजरने वाली महत्वपूर्ण ट्रेनें शामिल हैं।
चंद्राकर ने बताया कि जनवरी से सितंबर के बीच बिलासपुर मंडल में 840 ट्रेनें रद्द हुई हैं, 46 मेमू बीच रास्ते में रोकी गईं। इनमें 362 एक्सप्रेस, 318 मेमू और 160 पैसेंजर थीं। सबसे ज्यादा 234 ट्रेनें अकेले अप्रैल में रद्द हुईं।
उन्होंने कहा कि दिवाली-छठ सिर पर है, लेकिन स्पेशल ट्रेनों की घोषणा तक नहीं हुई। यूपी-बिहार-झारखंड-दिल्ली रूट की ट्रेनें फुल हैं, वेटिंग 150 पार है।
चंद्राकर ने मांग की कि रेल मंत्रालय रद्दीकरण के वास्तविक कारण स्पष्ट करे और विकास के नाम पर जनता को बंधक बनाना बंद करे




