छत्तीसगढ़

14 साल से छलावा…अब नहीं सहेंगे…दुर्ग मेडिकल कॉलेज में…नर्सों का सांकेतिक विरोध…नियमितीकरण और ग्रेड-पे की मांग…

दुर्ग, 26 अक्टूबर। चंदूलाल चंद्राकर स्मृति शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय से संबद्ध चिकित्सालय कचांदुर, दुर्ग में आज नर्सिंग ऑफिसर्स एसोसिएशन छत्तीसगढ़ के बैनर तले नर्सिंग संवर्ग ने दो घंटे का सांकेतिक विरोध प्रदर्शन कर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।

प्रदेश के सभी शासकीय मेडिकल कॉलेजों में चल रहे आंदोलन के तहत दुर्ग में भी नर्सिंग स्टाफ ने काम बंद कर अपनी मांगों को लेकर जमकर नारेबाजी की।

एसोसिएशन की मुख्य दो मांगें हैं:-

1. ग्रेड पे वेतनमान लागू किया जाए

2. संविदा और दैनिक वेतनभोगी नर्सिंग स्टाफ को नियमित किया जाए

14 सालों से सिर्फ आश्वासन:-

एसोसिएशन ने आरोप लगाया कि चिकित्सा शिक्षा विभाग में छठवें केंद्रीय वेतनमान का लाभ डॉक्टरों से लेकर अधिकारी-कर्मचारियों तक सबको दिया गया, लेकिन नर्सिंग संवर्ग को पिछले 14 सालों से सिर्फ आश्वासन मिल रहा है।

सफाई कर्मचारी के बराबर:-

एसोसिएशन के मुताबिक़”चार साल की डिग्री लेकर सेवा दे रहे स्टाफ नर्स को एक साल के पैरामेडिकल कोर्स वाले के बराबर वेतन दिया जा रहा है। दैनिक वेतनभोगी नर्स को गार्ड और सफाई कर्मचारी के बराबर वेतनमान मिल रहा है, यह नर्सिंग जैसे तकनीकी और सम्मानजनक पेशे का अपमान है।” –

प्रस्ताव में हेरफेर का आरोप:-

संघ ने बताया कि स्वास्थ्य मंत्री के निर्देश पर 30 जनवरी 2026 को ग्रेड पे के लिए नया प्रस्ताव तैयार हुआ था, लेकिन विभाग ने 30 जून 2021 को बनी 2018 की कमेटी की पुरानी और अमान्य रिपोर्ट को संलग्न कर नए प्रस्ताव को प्रभावित करने की कोशिश की है, जिसका संघ पुरजोर विरोध करता है। सितंबर में दिए गए आवेदन पर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई।

अब आर-पार की लड़ाई:-

एसोसिएशन ने साफ चेतावनी दी है कि अगर समय रहते मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार 18 नवंबर से प्रदेशभर के सभी शासकीय मेडिकल कॉलेजों में नर्सिंग संवर्ग अनिश्चितकालीन आंदोलन पर चला जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन की होगी।

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