रिक्त आवासों की थोक बिक्री शुरू…GST विभाग से लेकर… यूनिवर्सिटी तक ने खरीदे सैकड़ों मकान…

रायपुर 23 अक्टूबर । मुख्यमंत्री विष्णु देव साय एवं आवास मंत्री ओ. पी. चौधरी के निर्देश पर छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल की आवासीय योजनाओं में बल्क परचेस मॉडल को बड़ी सफलता मिल रही है।
शासन द्वारा 14 नवंबर 2025 को लिए गए निर्णय के बाद प्रदेश में लंबे समय से रिक्त पड़े आवासों का तेजी से उपयोग हो रहा है। शासकीय, अर्द्धशासकीय और निजी संस्थाएं अब अपने कर्मचारियों के लिए मंडल के बने-बनाये मकान थोक में खरीद रही हैं।
अब तक हुई बड़ी खरीदी :-
• जीएसटी विभाग द्वारा 68 आवास (23.77 करोड़ रु.):-दुर्ग में 24 मकान – 6.50 करोड़, जगदलपुर में 16 मकान – 6 करोड़, बिलासपुर में 25 मकान – 10.35 करोड़, रायगढ़ में 3 मकान – 92 लाख।
• नवा रायपुर अटल नगर में :- मेफेयर संस्था द्वारा PMAY सह मुख्यमंत्री आवास योजना के 128 मकान – 16.20 करोड़ में।
• मैट्स विश्वविद्यालय द्वारा : -आरंग में 30 मकान – 2.20 करोड़ में।
• विज्ञान एवं आयुष विश्वविद्यालय द्वारा :- नवा रायपुर में 128 फ्लैट्स – 16.20 करोड़ में खरीदने का निर्णय।
यथावत मिलता रहेगा :-
नवा रायपुर के सेक्टर 16, 30, 34 में EWS/LIG के लिए 6,296 मकान बने थे, जो तीन बार विज्ञापन के बाद भी खाली थे। मंत्रिपरिषद के निर्णय के बाद अब इन्हें बिना शासकीय अनुदान के अन्य आय वर्ग और संस्थाओं को भी बेचा जा रहा है, जबकि पात्र EWS/LIG हितग्राहियों को अनुदान का लाभ यथावत मिलता रहेगा।
जनहित का निर्णय :-
मंडल अध्यक्ष अनुराग सिंह देव ने कहा – “यह दूरदर्शिता और जनहित का निर्णय है। आवासीय योजना की सफलता बसाहट में है। रिक्त मकानों के बेहतर उपयोग से सुरक्षा, रखरखाव और वित्तीय संसाधनों का बेहतर प्रबंधन हो रहा है।”
बसाहट तेजी से :-
आयुक्त अवनीश कुमार शरण ने बताया – “सभी बिक्री ऑनलाइन ऑफर के माध्यम से पूरी पारदर्शिता से की जा रही है। इस पहल से सरकारी कर्मचारियों को व्यवस्थित आवास मिल रहा है और कॉलोनियों में बसाहट तेजी से बढ़ रही है।”




