सेवा ही सबसे बड़ी भक्ति…संकटमोचन धाम में…17 वर्षों से अनवरत जारी है महाभंडार

रायपुर। सनातन में कहा गया है – तुलसी पंछी के पिए, बरु घटै न नीर। धर्म करे धन ना घटै, सहाय करें रघुबीर।। इस चौपाई को चरितार्थ कर रहा है राजधानी रायपुर के रेलवे स्टेशन परिसर स्थित श्री सर्व धर्म संकट मोचन हनुमान मंदिर। यहाँ पिछले 17 वर्षों से, यानी 2009 से हर शनिवार बिना एक भी दिन रुके महाभंडारे का आयोजन हो रहा है।
समाजसेवी और मंदिर सेवा समिति के संस्थापक कुबेर राठी के संकल्प से शुरू हुआ यह सेवा यज्ञ आज आस्था और मानव सेवा के अनूठे महाकुंभ में बदल गया है।
इसी पावन परंपरा के तहत इस शनिवार आयोजित महाभंडारे में उत्तर प्रदेश की पूर्व विधायक एवं पूर्व चेयरमैन शारदा त्यागी सपरिवार मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं।
वैदिक मंत्रोच्चार के बीच की पूजा :-
मंदिर प्रांगण पहुंचते ही शारदा त्यागी ने सपरिवार संकटमोचन हनुमान जी के विग्रह के समक्ष शीश नवाया। शंखनाद और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच उन्होंने विधि-विधान से पूजा-अर्चना और महाआरती की और प्रदेश व देशवासियों के सुख-समृद्धि की कामना की।
पूजा के बाद उन्होंने स्वयं अपने हाथों से पंक्तिबद्ध श्रद्धालुओं, राहगीरों और जरूरतमंदों को महाप्रसाद वितरित किया। इस दौरान पूरा परिसर ‘जय श्री राम’ और ‘जय बजरंगबली’ के जयघोष से गूंज उठा।
ईश्वरीय इच्छा के बिना महायज्ञ संभव नहीं :-
इस अवसर पर पूर्व विधायक शारदा त्यागी ने कहा, “नर सेवा ही नारायण सेवा है। बजरंगबली की कृपा के बिना इतना बड़ा सेवा अनुष्ठान 17 साल तक अनवरत चलना असंभव है। यह केवल भोजन वितरण नहीं, बल्कि ‘वसुधैव कुटुंबकम्’ और ‘सर्वे भवन्तु सुखिनः’ के सनातन संदेश को जमीन पर उतारना है। भूखे को प्रेम से अन्न खिलाना साक्षात ईश्वर को भोग लगाने के समान है। ईश्वरीय इच्छा के बिना ऐसा महायज्ञ संभव ही नहीं।”
हम तो केवल निमित्त मात्र हैं :-
सेवा समिति के संस्थापक कुबेर राठी ने कहा, “यह सब केवल प्रभु संकटमोचन हनुमान जी की असीम कृपा है। 2009 से आज तक एक भी शनिवार ऐसा नहीं बीता जब भंडारा रुका हो। प्रभु ने मुझे इस पावन कार्य के लिए माध्यम चुना, यही मेरे जीवन का सबसे बड़ा सौभाग्य है। जब तक शरीर में श्वास और रघुवीर की आज्ञा है, यह सेवा यज्ञ चलता रहेगा।”
कार्यक्रम के अंत में शारदा त्यागी ने सपरिवार गौ सेवा भी की और गौ माता को ग्रास खिलाकर आशीर्वाद लिया। उन्होंने कहा कि गौ सेवा सबसे बड़ा धर्म है।
इस महाभंडारे में मंदिर समिति के पदाधिकारी, स्थानीय गणमान्य नागरिक और सैकड़ों श्रद्धालु उपस्थित रहे




