छत्तीसगढ़

हाईकोर्ट का जवाब नहीं दिया तो गई कुर्सी…कांकेर CMHO डॉ. रामचन्द्र ठाकुर निलंबित…

रायपुर । छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। कांकेर के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. रामचन्द्र ठाकुर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, मंत्रालय महानदी भवन, नवा रायपुर से शनिवार 27 सितंबर को इसका आदेश जारी हुआ है।

क्या है पूरा मामला ?

दरअसल, बिलासपुर हाईकोर्ट में एक याचिका लगी है – WPS No. 3865/2025, डॉ. लखन जुरी विरुद्ध छत्तीसगढ़ शासन।

इस केस में शासन ने 13 अगस्त को CMHO कांकेर को प्रभारी अधिकारी नियुक्त किया था। महाधिवक्ता कार्यालय ने 7 और 9 सितंबर को दो बार रिमाइंडर भेजा कि 25 सितंबर से पहले हर हाल में जवाबदावा (जवाब) पेश करना है। विभाग ने भी 16 सितंबर को अलग से पत्र लिखकर CMHO को निर्देश दिया।

लेकिन तय तारीख तक जवाब पेश नहीं हुआ। स्थिति ये बन गई कि जवाब नहीं आने पर स्वास्थ्य विभाग के सचिव को खुद हाईकोर्ट में व्यक्तिगत रूप से हाजिर होकर 3000 रुपये जुर्माना जमा करने के निर्देश तक हो गए।

आदेश में क्या लिखा?

आदेश में शासन ने इसे गंभीर लापरवाही माना है। लिखा है – जिम्मेदार पद पर रहते हुए भी संवेदनशील न्यायालयीन प्रकरण में हाईकोर्ट द्वारा तय समय-सीमा का पालन नहीं करना, कर्तव्य के प्रति उदासीनता और शासकीय दायित्वों में विफलता है। यह छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम-3 का उल्लंघन और कदाचरण की श्रेणी में आता है।

इसी आधार पर 1966 के नियम 9(1)(क) के तहत डॉ. ठाकुर को सस्पेंड किया गया है।

निलंबन के दौरान उनका मुख्यालय संभागीय संयुक्त संचालक, स्वास्थ्य सेवाएं, बस्तर संभाग रहेगा और बिना अनुमति मुख्यालय नहीं छोड़ सकेंगे। इस दौरान उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा।

 

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