छत्तीसगढ़ में सरकार किसकी ? भाजपा सांसद बोले – हमारे पत्र रद्दी…- विकास उपाध्याय बोले जब सांसदों की नहीं सुनी… तो जनता का क्या होगा…

रायपुर, 27 अक्टूबर। छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार में मचा भारी घमासान अब खुलकर सामने आ गया है। पूर्व संसदीय सचिव एवं छाया सांसद विकास उपाध्याय ने भाजपा सरकार पर बड़ा हमला बोलते हुए कहा कि जब सत्ता में बैठे मंत्री अपने ही पार्टी के सांसदों की बात नहीं सुन रहे हैं, तो इस प्रदेश की भोली-भाली जनता की फरियाद कौन सुनेगा?
विकास उपाध्याय ने सनसनीखेज खुलासा करते हुए बताया कि कल भाजपा की प्रदेश प्रभारी स्मृति ईरानी के सामने ही वर्तमान सांसदों ने अपनी ही सरकार के मंत्रियों के खिलाफ शिकायतों का पिटारा खोल दिया। सांसदों ने साफ कहा कि –
“मंत्री हमारी एक भी सिफारिश नहीं सुनते, हमारे कहने से कोई काम नहीं होता। हालात तो ये हैं कि भाजपा कार्यकर्ता हमसे कहते हैं – आप सिर्फ लेटर लिख दीजिए, काम तो हम करवा लेंगे।”
उपाध्याय ने कहा, यह सिर्फ शिकायत नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की शासन व्यवस्था की पोल है। यह इस बात का सबूत है कि भाजपा सरकार अहंकार में डूबी हुई है।
उन्होंने तीखा प्रहार करते हुए कहा :-
“जब लोकतंत्र में चुने हुए सांसद ही अपनी बात मनवाने के लिए दर-दर भटक रहे हैं, तो आम आदमी का क्या हाल होगा? आम आदमी तो महंगाई, बेरोजगारी और बिगड़ती कानून व्यवस्था से त्रस्त होकर सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रहा है। उसकी आवाज तो शासन तक पहुंच ही नहीं रही।”
विकास उपाध्याय ने सीधा सवाल किया कि – “क्या छत्तीसगढ़ सरकार सिर्फ सत्ता चलाने के लिए है, या जनता की समस्याओं का समाधान करने के लिए भी”
सरकार को जवाब देना होगा कि जनप्रतिनिधियों की मांगों पर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही है। जनता को अब झूठे आश्वासन नहीं, ठोस समाधान चाहिए।
अंत में उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सत्ता का अहंकार नहीं, जनसेवा का भाव सर्वोपरि होना चाहिए। यदि सांसदों की आवाज ही शासन तक नहीं पहुंच रही, तो आम जनता की पुकार का क्या होगा? प्रदेश की जनता सब देख रही है और समय आने पर इसका करारा जवाब देगी।




