2028 से पहले छत्तीसगढ़ में ‘यादव कार्ड’! अजय चंद्राकर को झुकाने के बाद… अब दुर्ग में गजेंद्र यादव के खिलाफ सर्व समाज का बड़ा दांव…

रायपुर/दुर्ग। छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव 2028 अभी दूर है, लेकिन कांग्रेस और भाजपा दोनों ने अभी से बिसात बिछानी शुरू कर दी है। आरोप-प्रत्यारोप, प्रदर्शन और चक्का जाम का दौर शुरू हो चुका है। इसी बीच प्रदेश की राजनीति में सर्व यादव समाज एक नई रणनीति के साथ सबसे बड़ी किंगमेकर शक्ति बनकर उभरा है। अजय चंद्राकर को माफी मांगने पर मजबूर कर दिखाई ताकत ।
समाज को एकजुट कर दिया :-
हाल ही में पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर के एक बयान ने पूरे प्रदेश के यादव समाज को एकजुट कर दिया। समाज की एकता का दबाव इतना बड़ा था कि चंद्राकर जैसे कद्दावर नेता को वीडियो जारी कर तत्काल प्रभाव से माफी मांगनी पड़ी। इस एक घटना ने साबित कर दिया कि सर्व यादव समाज अब प्रदेश में लगातार मजबूत हो रहा है और आने वाले दिनों में विधानसभा में यादव चेहरों की संख्या बढ़ेगी।
सियासी दांव खेला है :-
इसी कड़ी में दुर्ग जिले में सर्व यादव समाज ने सबसे बड़ा सियासी दांव खेला है। वर्तमान विधायक गजेंद्र यादव के खिलाफ नाराजगी के बीच पूर्व मंत्री के सुपुत्र राजदीप यादव को सर्व यादव समाज का जिलाध्यक्ष बनाया गया है।
समाज में काफी रोष :-
समाज के अंदरूनी सूत्रों की मानें तो दुर्ग में गजेंद्र यादव को लेकर समाज में काफी रोष है। आरोप है कि समाज के लोगों की ही अनदेखी की जा रही है और राजधानी के बंगला में बैठे एक व्यक्ति तय कर रहे हैं कि कौन समाज का है और कौन नहीं।
बताया जाता है कि जब मंत्रिमंडल का विस्तार होना था, तब गजेंद्र यादव ने समाज के नाम पर ही मंत्री पद की मांग की थी, जिसे सरकार ने सुनते हुए उन्हें शिक्षा जैसा अहम विभाग दिया। लेकिन समाज के लोगों का कहना है कि मंत्री बनने के बाद उन्होंने समाज को ही दरकिनार कर दिया।
मांग रहे हैं एक मौका :-
सर्व यादव समाज की हालिया बैठक में भी यही तस्वीर दिखी, जहां गिने-चुने लोग ही उनके चेहरे पर एकजुट दिखे, जबकि जमीनी हकीकत कुछ और ही है। बैठक में कुछ लोगों के चेहरे पर गजेंद्र यादव मुखौटा जरूर नज़र आया लेकिन मुखौटा के पीछा का चेहरा सब कुछ बता दिया । अब बड़े नेताओं के दर पर राजदीप, मांग रहे हैं एक मौका । इसी रणनीति के तहत नवनियुक्त जिलाध्यक्ष राजदीप यादव अब छत्तीसगढ़ के तमाम बड़े नेताओं से लगातार मुलाकात कर रहे हैं। वे सर्व यादव समाज के लिए समर्थन मांग रहे हैं और एक ही बात कह रहे हैं – “समाज हित में एक बार मौका दिया जाए।”
पूर्व मंत्री के सुपुत्र होने के नाते प्रदेश के कई दिग्गज नेता उन्हें पहले से जानते हैं और चाहते भी हैं कि उनके परिवार के लोग आगे बढ़ें। इसकी वजह है कि राजदीप की छवि एक ऐसे नेता की है जो समाज के साथ-साथ आम जनता के बीच भी अपनी मजबूती से पकड़ बनाकर रखता है, जबकि मौजूदा स्थिति में आम जनता के बीच यह चर्चा है कि वर्तमान जनप्रतिनिधि जमीन से कट रहे हैं।
समाज को प्राथमिकता दे :-
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि दुर्ग जिले में इस बार चाहे कांग्रेस हो या भाजपा, यादव चेहरे को टिकट देना लगभग तय है। ऐसे में राजदीप यादव की सक्रियता को समाज को मजबूत करने और एक ऐसे नेतृत्व को आगे लाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है, जो बड़े पद पर पहुंचने के बाद भी समाज को प्राथमिकता दे। वहीं सर्व यादव समाज को तेजी से रमेश यदु के नेतृत्व में मज़बूत किया जा रहा है । प्रदेश के एक दो संभाग में रमेश का काफ़ी दबदबा है जहाँ पर वर्तमान विधायक, पूर्व विधायक भी उनके बातों को नज़र अंदाज़ नहीं करता है । उनके बातों को मानते हैं इसी कड़ी में रमेश यदु ने कुछ विसंगति को दूर करने के लिए केंद्रीय मंत्री को भी ज्ञापन सौंप है । ज्ञापन के दौरान यह साबित किया जा रहा है की प्रदेश में यादव समाज कितना सक्रिय है।
प्रदेश के साथ साथ दुर्ग जिले में भी रमेश यदु एक टीम तैयार कर रहे हैं ताकि भाजपा या कांग्रेस दोनों ही पार्टी को यादव को टिकट देना पड़े । जिसके लिए उन्होंने सब से पहले राजदीप यादव, जीत यादव, मनोज यादव आदि सहित आधा दर्जन लोगों के नाम लिस्ट बना रहे । जिसे दोनों ही राजनीतिक दल के प्रदेश संगठन, केंद्रीय संगठन को सूची थमाकर आने वाले विधानसभा के लिए अवगत कराऐगे ताकि इन्ही चंद नामों में दुर्ग जिले के प्रतिनिधि तय हो ।




