एथेनॉल प्रेम पड़ा भारी…रसोई से सड़क तक महंगाई की मार…विनोद चंद्राकर ने मोदी सरकार पर बोला तीखा हमला…

महासमुंद। पूर्व संसदीय सचिव छत्तीसगढ़ शासन एवं महासमुंद के पूर्व विधायक विनोद सेवन लाल चंद्राकर ने केंद्र की मोदी सरकार पर जमकर निशाना साधा है। उन्होंने कहा है कि मोदी सरकार की गलत नीतियों ने देश को महंगाई की आग में झोंक दिया है।
चंद्राकर ने कहा कि अपने एक मंत्री को खुश करने के लिए केंद्र सरकार ने पूरे देश की जनता को महंगाई की भट्टी में धकेल दिया है। केंद्र का एथेनॉल प्रेम आज आम आदमी की रसोई पर भारी पड़ रहा है। एथेनॉल बनाने के नाम पर पूरे देश का गन्ना डायवर्ट किया जा रहा है, जिसका सीधा असर चीनी उत्पादन पर पड़ा है। बाजार में चीनी की भारी किल्लत है और महज 20 दिनों के भीतर चीनी 40 रुपये से बढ़कर 70 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है। यह सरकार की अदूरदर्शिता का सबसे बड़ा उदाहरण है।
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के मंत्रियों ने बड़े-बड़े दावे किए थे कि पेट्रोल में एथेनॉल मिलाने के बाद पेट्रोल के दाम आधे हो जाएंगे। आज सच्चाई देश के सामने है। पेट्रोल का दाम आधा होना तो दूर, लगातार बढ़ोतरी हो रही है। जनता को राहत के नाम पर छलावा दिया गया है। एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल से न तो दाम घटे, बल्कि गाड़ियों का माइलेज कम हो गया है और जगह-जगह से इंजन खराब होने की शिकायतें आ रही हैं। यह सीधे-सीधे आम उपभोक्ता की जेब पर डाका है।
पूर्व विधायक ने कहा कि परिवहन और माल भाड़ा बढ़ने से इसका असर रोजमर्रा के खाद्य पदार्थों पर भी पड़ रहा है। पिछले एक महीने में आटा 32 से 40 रुपये, चावल 42 से 54 रुपये, सरसों तेल 165 से 200 रुपये और जीरा 180 से 380 रुपये किलो तक पहुंच गया है। साबुन से लेकर कारों तक, मसालों से लेकर तेल तक हर चीज के दाम ने आम आदमी की कमर तोड़ दी है।
विनोद चंद्राकर ने कहा कि कमाई सीमित है लेकिन रसोई का खर्च हर महीने बढ़ता जा रहा है। मध्यम वर्ग का घरेलू बजट पूरी तरह बिगड़ चुका है, आम आदमी का जीना मुश्किल हो गया है लेकिन अहंकारी और बेपरवाह मोदी सरकार महंगाई को काबू करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठा रही है।




