मुख्यमंत्री साय की जशपुर पर्यटन को बढ़ावा देने सार्थक पहल…

रायपुर l छत्तीसगढ़ का जशपुर, अपनी हरी-भरी वादियों, घने जंगलों और रहस्यमयी धुंध भरी पहाड़ियों के कारण पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बनता जा रहा है। जशपुर के मनमोहक प्राकृतिक स्थलों को प्रमुख विमानन कंपनी इंडिगो की हेलो 6 ई पत्रिका के मार्च संस्करण में विशेष रूप से प्रकाशित किया गया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पर्यटन को बढ़ावा देने की सार्थक पहल के तहत यह प्रयास किया गया है, ताकि देश-विदेश के पर्यटक जशपुर के अद्भुत प्राकृतिक स्थलों का अनुभव कर सकें।
मानचित्र पर नई ऊंचाइयां:-
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जशपुर को पर्यटन मानचित्र पर नई ऊँचाइयाँ मिल रही हैं। इंडिगो पत्रिका में जशपुर की विशेष प्रस्तुति से निश्चित ही यहाँ पर्यटन को नई गति मिलेगी और देश-दुनिया के सैलानी इस खूबसूरत धरती का आनंद लेने आएंगे।
प्रकृति ने उपहारो से नवाजा:-
छत्तीसगढ़ राज्य के उत्तर सीमावर्ती हिस्से में स्थित जशपुर को प्रकृति ने अद्वितीय उपहारों से नवाजा है। यहां झरने, गुफाएं और रोमांचक ट्रैकिंग स्थलों की भरमार है। देश देखा क्लाइम्बिंग सेक्टर एडवेंचर प्रेमियों के लिए एक शानदार स्थान है, जहां रॉक क्लाइम्बिंग और तारों से सजे आसमान के नीचे कैंपिंग का रोमांच महसूस किया जा सकता है। मधेश्वर पहाड़, जो लगभग 275 मीटर की ऊँचाई पर स्थित है, भगवान शिव के अवतार के रूप में पूजनीय है। यह दुनिया के सबसे ऊँचे प्राकृतिक शिवलिंग के रूप में जाना जाता है।
मनोरम दृश्य मंत्रमुग्ध कर देता है:-
जशपुर जिले का दनगरी झरना अपनी मनोरम दृश्यावली से हर किसी को मंत्रमुग्ध कर देता है, वहीं मायाली नेचर कैंप शांति और प्राकृतिक सौंदर्य के लिए प्रसिद्ध है। इसके अलावा, कैलाश गुफा परिसर और खुड़िया रानी मंदिर जैसे स्थल आध्यात्मिक शांति और प्राचीन सभ्यता की झलक प्रदान करते हैं।
सरना रिसार्ट बेहतरीन विकल्प :-
जशपुर से निकटतम हवाई अड्डा रांची का बिरसा मुंडा हवाई अड्डा है, जो लगभग 150 किमी दूर स्थित है। रांची, अंबिकापुर और झारसुगुड़ा निकटतम रेलवे स्टेशन हैं। जशपुर राष्ट्रीय राजमार्गों से प्रमुख शहरों से जुड़ा हुआ है। पर्यटन को सुगम बनाने के लिए सरना एथनिक रिसॉर्ट एक बेहतरीन ठहरने का विकल्प है, जहां परंपरा और आधुनिक सुविधाओं का अनूठा संगम देखने को मिलता है।