यादव (ठेठवार) समाज महासभा छत्तीसगढ़ का चुनाव: तारीख पर सस्पेंस बरकरार…सियासी बिसात बिछनी शुरू…23 अगस्त को राजिम में बड़ी बैठक…

रायपुर 14 अगस्त। यादव (ठेठवार) समाज महासभा छत्तीसगढ़ के चुनाव की तारीख का अभी औपचारिक ऐलान नहीं हुआ है, लेकिन चुनावी सरगर्मी चरम पर है। इसी बीच समाज की ओर से जारी आधिकारिक पत्र ने सियासी हलचल को और तेज कर दिया है।
भवन का लोकार्पण :-
राजिम में होगा भवन लोकार्पण और बड़ी बैठक
यादव (ठेठवार) समाज महासभा छत्तीसगढ़ के प्रांताध्यक्ष गुलेंद्र यादव द्वारा जारी पत्र के अनुसार दिनांक 23.08.2026, दिन रविवार को दोपहर 12:00 बजे प्रांतीय मुख्यालय राजिम, जिला-गरियाबंद में सामुदायिक भवन का लोकार्पण कार्यक्रम रखा गया है।
प्रांतीय पदाधिकारियों की बैठक :-
पत्र में समस्त प्रदेश के यादव बंधुओं, प्रांतीय पदाधिकारीगण, उपमहासभा, नगर इकाई, राजपार प्रकोष्ठ, महिला-युवा प्रकोष्ठ सहित सभी स्वजातीय बंधुओं से उपस्थिति की अपील की गई है।
पत्र में यह भी उल्लेख है कि दिल्ली प्रवास के कारण यह बैठक राजिम में आयोजित की जा रही है। इसी दिन भोजन उपरांत दोपहर 2:30 बजे से प्रांतीय पदाधिकारियों की बैठक होगी, जिसमें चुनाव प्रभारियों को चुनाव हेतु नियुक्ति पत्र प्रदान किया जाएगा। साथ ही सभी राजपार के अध्यक्ष, सचिव, कोषाध्यक्ष और वरिष्ठ समाज प्रमुखों से अपनी-अपनी इकाई की वर्तमान पदाधिकारी सूची साथ लाने का आग्रह किया गया है।
मैदान में तीन बड़े चेहरे:-
इस बैठक के साथ ही चुनाव की रणनीति को लेकर चर्चा तेज है। अभी तक जो तीन नाम सबसे ज्यादा चर्चा में हैं, वो हैं –
1. परमानंद यादव – युवा प्रकोष्ठ से जुड़े परमानंद यादव ने ताल ठोक दी है। वे वर्तमान पद पर रहते हुए सक्रिय रहे हैं और कहा जाता है कि वे अपने लोगों के साथ खड़े होने में पीछे नहीं हटते। चर्चा यह भी है कि उन्हें शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव का संरक्षण प्राप्त है और चुनावी दौरे के लिए सहयोग मिल रहा है, जिसे लेकर समाज में अलग-अलग राय भी है।
2. संतोष यादव – प्रदेश स्तर के सामाजिक नेता संतोष यादव भी मजबूती से मैदान में हैं। सरपंच के रूप में और समाज में उनका काम सराहा जाता है। राउर राज्य में भी बड़ी ज़िम्मेदारी निभाई है लेकिन कहीं ना कहीं इनका भी तालुकात राजनीति से जुड़ा हुआ है या यूँ कहें की समाज की सीढ़ी से राजनीति का सफ़र करना है
3. प्रहलाद यादव – अनुभवी खिलाड़ी प्रहलाद यादव की ग्रामीण क्षेत्रों में मजबूत सामाजिक पकड़ है और वे कांग्रेस से जुड़े रहे हैं, अब फिर से सक्रिय नजर आ रहे हैं।
इनके अलावा कुछ महिला प्रत्याशी भी किस्मत आजमाने की तैयारी में हैं।
समाज की मांग – विकास पर हो बात :-
आम समाज का कहना है कि पहले बंद कमरों में अध्यक्ष तय हो जाता था, लेकिन अब युवा और महिलाएं जागरूक हैं। समाज के लोग चाहते हैं कि जो भी अध्यक्ष बने, वह राजनीति से ऊपर उठकर समाज के हर वर्ग के विकास की बात करे, जमीन पर काम करे। नई राजधानी में जमीन न मिल पाना और बैठकों के लिए भवन की किल्लत जैसे मुद्दों का स्थायी समाधान निकाले।
फिलहाल सबकी निगाहें 23 अगस्त को राजिम में होने वाली इस अहम बैठक पर टिकी हैं, जहां से चुनावी तस्वीर काफी हद तक साफ हो जाएगी।



