छत्तीसगढ़

राजधानी में गूंजा ‘हम सब एक हैं’ का नारा…जन्माष्टमी पर यादव समाज की विशाल बाइक रैली… दिया एकता का संदेश…

रायपुर 7 सितंबर। श्री कृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव के पावन अवसर पर राजधानी में यादव समाज ने सामाजिक एकता की अभूतपूर्व मिसाल पेश की। यादव समाज के तत्वावधान में निकाली गई विशाल बाइक रैली में “एकता और संगठन” का संकल्प गूंज उठा।

 रैली शहर के प्रमुख मार्गों से :-

रैली का शुभारंभ महादेवघाट स्थित राधा-कृष्ण मंदिर से विधि-विधान से पूजा-अर्चना के साथ हुआ। सैकड़ों बाइकों के साथ निकली यह रैली शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए काली मंदिर होते हुए शहीद कौशल यादव चौक पहुंची, जहां भव्य सभा का आयोजन किया गया। रैली में रथ पर राधा-कृष्ण के स्वरूप में कांकेर से आईं श्रीमती प्रज्ञा यादव सुशोभित रहीं, जो आकर्षण का विशेष केंद्र रहीं।

सभी वर्ग एक मंच पर :-

रैली में यादव समाज के कोसरिया, झेरिया, ठेठवार, ग्वाला सहित सभी वर्गों, संगठनों और क्षेत्रों से बड़ी संख्या में सामाजिक प्रतिनिधि, पदाधिकारी, महिला विंग, युवा और प्रबुद्धजन शामिल हुए। रैली का मुख्य उद्देश्य बिखरे हुए समाज को एक मंच पर लाकर भाईचारे और संगठन को मजबूत करना था। सभा में मुख्य अतिथि के रूप में जिला पंचायत उपाध्यक्ष सरगुजा देवनारायण यादव उपस्थित रहे। कार्यक्रम का कुशल मंच संचालन जिला अध्यक्ष कोसरिया यादव समाज महासमुंद विनोद यादव ने किया।

यह रहे शामिल :-

कार्यक्रम में नगर पंचायत विश्रामपुर अध्यक्ष श्रीमती निर्मला यादव, नगर पंचायत राजिम अध्यक्ष महेश यादव, नगर पंचायत गरियाबंद अध्यक्ष रिखी राम यादव, छत्तीसगढ़ यादव समाज प्रदेश अध्यक्ष सुधीर यादव, महिला विंग ठेठवार समाज प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती ललिता यादव, प्रगतिशील यादव समाज महिला विंग प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती भारती यादव, प्रगतिशील यादव महासभा सदस्य श्रीमती लक्ष्मी यादव, यादव एकता कल्याण संगठन प्रदेश अध्यक्ष जय यादव एवं टीम, श्री कृष्ण जन्माष्टमी मित्र मंडल समिति अध्यक्ष माधव यादव, शासकीय यादव सेवक संघ अध्यक्ष सुरेश यादव सहित उमेश यदु, जितेंद्र बहादुर सिंह, निरंजन यादव, कमल यादव, सुश्री शोभा यादव, श्रीमती अरुणा यादव, श्रीमती ममता यादव, श्रीमती वेदकुमारी यादव, राहुल यादव, संजय यादव, श्रीमती जया यादव, सुश्री अनीता यादव सहित सैकड़ों समाजजन उपस्थित रहे।

रोटी-बेटी के रिश्ते से आएगी असली एकता :-

कार्यक्रम में सबसे चर्चित और अनुकरणीय संदेश मंच संचालक विनोद यादव ने दिया। उन्होंने कहा कि केवल मंच पर एक साथ आने से सामाजिक एकता नहीं आएगी। जब तक समाज के विभिन्न वर्गों के बीच रोटी-बेटी का संबंध मजबूत नहीं होगा, तब तक संगठन को मजबूती नहीं मिलेगी।

सामाजिक एकता की शुरुआत :-

इस विचार को भाषण तक सीमित न रखते हुए उन्होंने ऐतिहासिक घोषणा की। उन्होंने बताया कि स्वयं कोसरिया यादव समाज से होने के बावजूद वे अपने परिवार के सदस्य का विवाह झेरिया यादव समाज में करने का निर्णय ले चुके हैं। उन्होंने कहा – “सामाजिक एकता की शुरुआत दूसरों से नहीं, अपने घर से होनी चाहिए।”उनके इस निर्णय की पूरे सभा में सराहना हुई और इसे सामाजिक समरसता की दिशा में मील का पत्थर बताया गया।

समाज की असली ताकत :-

सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि समाज की असली ताकत उसकी संख्या में नहीं, बल्कि एकजुटता में है। सभी ने शिक्षा, रोजगार, सामाजिक सहयोग और सर्वांगीण विकास के लिए मिल-जुलकर काम करने का संकल्प लिया।जन्माष्टमी पर आयोजित यह बाइक रैली केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि यादव समाज को एक सूत्र में पिरोने की दिशा में एक यादगार पहल बन गई।

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