भाजपा पार्षदों की अवैध वसूली…गहराया जल संकट…बदहाल सफाई व्यवस्था :-मनोज ठाकुर

रायपुर l लोग इस समय भीषण गर्मी की मार झेल रही है, लेकिन इस संकट के दौर में भी जनता को राहत देने के बजाय सत्तापक्ष (भाजपा) के अनेक पार्षदों द्वारा की जा रही अवैध वसूली ने पूरे शहर को संकट में डाल दिया है। नगर निगम से जुड़े ठेकेदारों, ऑपरेटरों और कर्मचारियों से हो रही इस अवैध उगाही के कारण ही आज रायपुर की मूलभूत व्यवस्थाएं पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी हैं।
मनोज सिंह ठाकुर ने भाजपा पार्षदों के इस अनैतिक और भ्रष्ट आचरण का कड़ा विरोध किया है, पार्षदों के भ्रष्टाचार के कारण जनता को निम्नलिखित गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है:
1. भाजपा पार्षदों की वसूली से उपजा जल संकट
मूल कारण: गर्मी के इस मौसम में पानी की मांग सबसे ज्यादा है, लेकिन भाजपा पार्षदों द्वारा पानी सप्लाई करने वाले नगर निगम के ठेकेदारों और टैंकर ऑपरेटरों से लगातार अवैध वसूली की जा रही है।
दुष्परिणाम: इस प्रताड़ना और आर्थिक शोषण से तंग आकर ठेकेदार और कर्मचारी सुचारू रूप से काम नहीं कर पा रहे हैं। इसी अवैध वसूली का सीधा नतीजा है कि आज रायपुर की जनता को समय पर पीने का पानी नहीं मिल पा रहा है और शहर में पानी का कृत्रिम संकट पैदा हो गया है।
2. अवैध वसूली के कारण राशन दुकानों में आक्रोश
मूल कारण: गरीब जनता के निवाले पर भी भाजपा पार्षदों की गिद्ध दृष्टि है। सरकारी राशन दुकान (PDS) संचालकों पर राजनैतिक दबाव बनाकर उनसे अवैध रूप से पैसों की मांग की जा रही है।
दुष्परिणाम: इस अवैध वसूली के कारण राशन दुकान संचालकों में भारी आक्रोश और भय का माहौल है, जिससे सार्वजनिक वितरण प्रणाली प्रभावित हो रही है और गरीब परिवारों तक राशन पहुंचने में बाधा आ रही है।
3. कर्मचारियों और सफाई व्यवस्था पर असर
मूल कारण: नगर निगम के हुंकार सप्लाई, पानी सप्लाई और सफाई कार्य से जुड़े छोटे कर्मचारियों को भी भाजपा पार्षदों के इस वसूली तंत्र के कारण मानसिक और आर्थिक रूप से प्रताड़ित होना पड़ रहा है।
दुष्परिणाम: जब व्यवस्था के रीढ़ की हड्डी माने जाने वाले कर्मचारी और ठेकेदार ही इस वसूली से duxi और पीड़ित रहेंगे, तो शहर की सफाई और अन्य व्यवस्थाएं सुधरना असंभव है



