छत्तीसगढ़

एक माँ की मौत तय थी…लिख चुकी थी आखिरी पन्ना…साक्षात दुर्गा बनीं महिला चिकित्सक…

रायपुर । पं. नेहरू मेडिकल कॉलेज से संबद्ध डॉ. भीमराव अम्बेडकर अस्पताल में नारी शक्ति का प्रेरक उदाहरण देखने को मिला। 32 वर्षीय महिला की चौथी डिलीवरी के दौरान बच्चेदानी और मूत्राशय फट गए, गर्भ में ही बच्चे की मौत हो गई और भारी रक्तस्राव से माँ की जान पर बन आई।

5 घंटे की जटिल सर्जरी :-

गंभीर हालत में उसे अम्बेडकर अस्पताल लाया गया। स्त्री रोग विभागाध्यक्ष डॉ. ज्योति जायसवाल के नेतृत्व में डॉ. नीलम सिंह, डॉ. अर्पणा वर्मा, डॉ. नीति गोसाई की टीम ने सर्जरी विभाग की डॉ. प्राची और निश्चेतना की डॉ. अमृता के साथ मिलकर 5 घंटे की जटिल सर्जरी की।

2 दिन वेंटिलेटर पर :-

बुरी तरह क्षतिग्रस्त बच्चेदानी निकालनी पड़ी, फटे मूत्राशय की मरम्मत की गई। इस दौरान 10 यूनिट रक्त चढ़ाया गया। सर्जरी के बाद 2 दिन वेंटिलेटर और CCU में डॉ. ओ.पी. सुंदरानी की टीम ने संभाला। आज महिला पूरी तरह स्वस्थ होकर घर लौट गई है।

डीन डॉ. विवेक चौधरी ने कहा – “शक्ति केवल आराधना में नहीं, सेवा में भी है। यह मातृशक्ति के प्रति सच्चा सम्मान है।”

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