छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ के 40 बाल वैज्ञानिकों ने भरी…दिल्ली के लिए उड़ान…सुई में धागा डालने वाली डिवाइस से…नल के पानी बचाने तक…आइडिया पहुंचे राष्ट्रीय मंच पर…

रायपुर 11  अक्टूबर । इंस्पायर अवार्ड मानक योजना के तहत राष्ट्रीय स्तर पर चयनित छत्तीसगढ़ के 40 होनहार बाल वैज्ञानिकों के लिए शनिवार को राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद [SCERT] शंकर नगर में भव्य सम्मान समारोह आयोजित किया गया।

चयनित ये 40 प्रतिभागी :-

वर्ष 2023-24 और 2024-25 में राज्य के सभी शासकीय, अशासकीय और अनुदान प्राप्त स्कूलों से चयनित ये 40 प्रतिभागी आगामी 12 से 14 अक्टूबर तक नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित 12वीं राष्ट्रीय स्तरीय प्रदर्शनी [NLEPC] में अपने प्रोटोटाइप मॉडल का प्रदर्शन करेंगे। इस दल को सम्मानित कर ट्रेन से दिल्ली के लिए रवाना किया गया।

वैज्ञानिकों को मंच पर सम्मानित :-

समारोह का सबसे प्रेरणादायक क्षण रहा जब पिछले वर्ष इसी योजना से जापान जाकर लौटे छत्तीसगढ़ के 5 बाल वैज्ञानिकों को मंच पर सम्मानित किया गया। इनमें बलौदाबाजार के गगनदास मानिकपुरी [सुई में धागा डालने की डिवाइस], बलौदाबाजार के ही नागेश कुमार, धमतरी की समीक्षा साहू [नल से बहते पानी की बचत हेतु डिवाइस], धमतरी की सुनैना और जांजगीर-चांपा के सैयद काशफ अली शामिल रहे। जापान से लौटे इन बच्चों ने अपने अनुभव साझा कर दिल्ली जा रहे 40 बच्चों को टिप्स दिए।

भविष्य की दिशा तय करेंगे :-

मुख्य अतिथि स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने बच्चों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि ये होनहार बाल वैज्ञानिक ही छत्तीसगढ़ के उन्नत भविष्य की दिशा तय करेंगे। उन्होंने कहा कि विभाग हर प्रतिभाशाली विद्यार्थी को आगे बढ़ाने के लिए हर संभव मदद करेगा।

बच्चों ने साबित कर दिया :-

स्कूल शिक्षा सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह ने कहा – “भाषा सिर्फ ज्ञान को व्यक्त करने का माध्यम है। आज हमारे हिंदी माध्यम के बच्चों ने साबित कर दिया है कि अगर ज्ञान उत्कृष्ट है तो वह हिंदी, अंग्रेजी या स्थानीय भाषा में भी अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंच सकता है। अंग्रेजी न आने को कभी कमजोरी मत समझो।”

हर साल 10 लाख आइडियाज :-

राज्य नोडल अधिकारी हिमांशु भारतीय ने बताया कि भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय और NIF, नई दिल्ली द्वारा कक्षा 6 से 12वीं के बच्चों में वैज्ञानिक सोच विकसित करने के लिए हर साल 10 लाख आइडियाज का पंजीयन होता है, जिसमें से 1 लाख का चयन होता है। चयनित बच्चों को प्रोटोटाइप बनाने के लिए 10 और राष्ट्रीय स्तर पर चयन होने पर 25 हज़ार रुपये तक की अतिरिक्त राशि दी जाती है। राष्ट्रीय स्तर पर केवल 60 बच्चे राष्ट्रपति भवन में प्रदर्शन और जापान में साकुरा प्रोग्राम के तहत जाने का अवसर पाते हैं।

तकनीकी रूप से और बेहतर बनाने :-

बता दें कि इन 40 बच्चों के लिए 2 और 3 सितंबर 2026 को NIT रायपुर में दो दिवसीय मेंटरशिप कार्यक्रम भी आयोजित किया गया था, जहां वैज्ञानिकों ने उनके मॉडल को तकनीकी रूप से और बेहतर बनाने में मार्गदर्शन दिया।

यह रहे शामिल :-

समारोह में संचालक लोक शिक्षण ऋतुराज रघुवंशी, उप संचालक अशोक नारायण बंजारा, सहायक संचालक सतीश महेश्वरी, श्रीमती धनेश्वरी साहू सहित सभी जिलों के जिला शिक्षा अधिकारी, जिला नोडल अधिकारी, प्रभारी शिक्षक और पालक उपस्थित रहे ।

Related Articles

Back to top button