छत्तीसगढ़

तेलीबांधा चौक का नाम बदला तो…सड़कों पर उतरेगा छत्तीसगढ़…सर्व समाज महासंघ ने सरकार को दिया अल्टीमेटम…पहचान मिटाने पर तुली सरकार – रमेश यदु

रायपुर। राजधानी के दिल कहे जाने वाले तेलीबांधा चौक का नाम बदलने के प्रस्ताव ने छत्तीसगढ़ की सियासत और सामाजिक संगठनों में उबाल ला दिया है। छत्तीसगढ़िया सर्व समाज महासंघ ने इस प्रस्ताव पर कड़ा ऐतराज जताते हुए सरकार को सीधी चेतावनी दी है।

लाखों लोगों की भावनाएं जुड़ी :-

महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष रमेश यदु ने कहा – “तेलीबांधा सिर्फ एक चौक का नाम नहीं, यह रायपुर की आत्मा है। वर्षों से प्रचलित नाम के साथ लाखों लोगों की भावनाएं जुड़ी हैं। सरकार बिना जनमत के तुगलकी फैसला नहीं ले सकती। प्रस्ताव तत्काल वापस लिया जाए।”

छत्तीसगढ़ की पहचान मिटाने का आरोप :-

रमेश यदु ने सरकार पर छत्तीसगढ़ की पहचान को मिटाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि ये पहली बार नहीं है। इससे पहले स्व. डॉ. खूबचंद बघेल जैसे छत्तीसगढ़ के महान सपूत के नाम पर चल रही स्वास्थ्य बीमा योजना का नाम बदल दिया गया। पचपेड़ी नाका और बूढ़ा तालाब जैसे ऐतिहासिक नामों को बदलने की भी लगातार कोशिशें होती रही हैं।

दिल्ली से तय नहीं होगी ;-

“छत्तीसगढ़ की पहचान दिल्ली से तय नहीं होगी,” रमेश ने तल्ख लहजे में कहा। “हमारी पहचान हमारे महापुरुषों, हमारी बोली, हमारे तालाब-चौक और हमारी संस्कृति से है। विकास के नाम पर विरासत को मिटाना बंद करो। नाम बदलने से पहले समाज से पूछो।”

महासंघ ने साफ कर दिया है कि अगर जनभावनाओं को अनदेखा कर नाम परिवर्तन की जिद की गई, तो पूरे प्रदेश में लोकतांत्रिक तरीके से बड़ा आंदोलन छेड़ा जाएगा।

उन्होंने मांग की कि सरकार विकास करे, लेकिन छत्तीसगढ़ की माटी, संस्कृति और इतिहास का सम्मान करना भी उसकी जिम्मेदारी है

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