अब स्कूल खाली, क्लास सूनी… 4 महीने में 700 शिक्षकों की पोस्टिंग से गांव-गांव में नाराज़गी…गजेंद्र यादव पर संकट के बादल…

रायपुर। छत्तीसगढ़ के शिक्षा महकमे में इन दिनों कुछ ठीक नहीं चल रहा। सत्र शुरू हुए अभी 4 महीने भी नहीं हुए हैं और 700 से अधिक शिक्षकों को एक जगह से दूसरी जगह भेज दिया गया है। लिस्ट में अभी भी सैकड़ों नाम और बाकी हैं।
बीच पढ़ाई में इस तरह मास्टरों को हटाने से स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों का क्या होगा, इसका अंदाजा लगाना मुश्किल नहीं है।
सरकार और संगठन में नाराजगी :-
अंदर की खबर ये है कि ये तबादले किसी नियम या स्कूल में शिक्षक की कमी को देखकर नहीं हो रहे हैं। सीधे मंत्री बंगले से फाइल मंत्रालय पहुंच रही है। इसको लेकर सरकार और संगठन में भी नाराजगी है। बताया जा रहा है कि कुछ मंत्रियों के कामकाज से ऊपर के लोग खुश नहीं हैं। उन पर लेन-देन के आरोपों की धूल चढ़ती दिख रही है। इसी वजह से संघ और संगठन के बड़े नेताओं ने अब लिहाज करना छोड़ दिया है।
दो टूक सुना दिया :-
सूत्र बताते हैं कि हाल ही में एक पूजा-पाठ के कार्यक्रम के दौरान संघ के एक सीनियर नेता ने मंत्री को सबके सामने ही दो टूक सुना दिया। फिर बाद में बंद कमरे में बातचीत कर मामला शांत कराया गया।
फेरबदल हो सकता है :-
दूसरी तरफ राजधानी में एक और कहानी तेजी से घूम रही है। कहा जा रहा है कि स्कूल शिक्षा जैसे बड़े विभाग को लेकर फेरबदल हो सकता है। गजेन्द्र यादव का नाम जब विष्णु कैबिनेट में आया था तो सबसे मजबूत दावेदार वही थे, बाकी दो नाम – खुशवंत और राजेश – तो आखिरी समय तक किसी को पता भी नहीं थे। लेकिन एक साल के अंदर ही उनकी पकड़ कमजोर पड़ती दिख रही है।
भाजपा गलियारों में कानाफूसी है कि स्कूल शिक्षा का प्रभार उनसे लेकर केदार कश्यप को दिया जा सकता है। नाम किरण देव का भी उछल रहा है, कहा जा रहा है कि अगर उनकी मंत्रिमंडल में एंट्री होती है तो यही विभाग उन्हें मिल सकता है।
विभाग को लेकर सियासी पारा हाई :-
इसी बीच संगठन में भी भागदौड़ बढ़ गई है। अजय जामवाल भोपाल का दौरा छोड़ सीधे दिल्ली चले गए हैं। उनके साथ पवन साय और दो अन्य पदाधिकारी भी दिल्ली में डटे हैं।
होगा क्या, यह तो कुछ दिन में पता चलेगा, पर इतना तय है कि शिक्षा विभाग को लेकर सियासी पारा अभी हाई है।
मंत्री के जिले में ही शिक्षा बेहाल :-
प्रदेश में शिक्षकों के ताबड़तोड़ तबादलों के बीच शिक्षा व्यवस्था की पोल सड़क पर खुल रही है। शिक्षा मंत्री के गृह जिले दुर्ग में स्कूल के सैकड़ों बच्चों ने 5 दिन के भीतर दूसरी बार चक्का जाम कर दिया। बच्चे नारे लगा रहे हैं – ‘टीचर चाहिए बताया जा रहा है कि स्कूल में शिक्षकों की भारी कमी है और बुनियादी सुविधाएं जैसे शौचालय तक नहीं हैं। इसी से नाराज होकर बच्चे सड़क पर उतरने को मजबूर हुए हैं।




