इंद्रावती भवन के सामने गरजेंगे कर्मचारी…’एक मांग-एक मंच’ ने किया…आंदोलन का शंखनाद… 86 महीने के महंगाई भत्ते के एरियर्स से लेकर…कैशलेस इलाज तक… कर्मचारियों की 5 बड़ी माँग…


रायपुर 27 अगस्त । छत्तीसगढ़ के शासकीय विभागों में कार्यरत नियमित, अनियमित और सेवानिवृत्त कर्मचारी / अधिकारी अपनी लंबित मांगों को लेकर अब एकजुट हो गए हैं। शासन से मान्यता/गैर मान्यता प्राप्त अधिकारी -कर्मचारी एवं पेंशनर संगठनों के समूह “एक मांग-एक मंच अभियान” ने चरणबद्ध आंदोलन का ऐलान किया है।
प्रशासन इस पर गंभीर नहीं :-
अभियान के प्रदेश संयोजक करन सिंह अटेरिया ने बताया कि प्रदेश के कर्मचारी लगातार अपनी समस्याओं जैसे भारत सरकार के अनुरूप महंगाई भत्ता, अनियमित कर्मचारियों का नियमितीकरण, आउटसोर्सिंग बंद करने जैसे विषयों पर ज्ञापन सौंपकर अनुरोध करते आ रहे हैं, लेकिन शासन-प्रशासन इस पर गंभीरता नहीं दिखा रहा है।
क्रमिक आंदोलन करेंगे :-
इसी को लेकर विभागाध्यक्ष इंद्रावती भवन में पदस्थ संगठन प्रमुख करन सिंह अटेरिया, जितेन्द्र सिंह ठाकुर एवं गोपाल प्रसाद साहू के नेतृत्व में निर्णय लिया गया है कि “एक मांग-एक मंच अभियान” के बैनर तले नियमित, अनियमित एवं सेवानिवृत्त कर्मचारी / अधिकारी क्रमिक आंदोलन करेंगे।
इस क्रम में 11 सितंबर शुक्रवार को भोजनावकाश में इंद्रावती भवन के सामने सांकेतिक प्रदर्शन कर मुख्य सचिव, छत्तीसगढ़ शासन के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा।
प्रमुख 5 मांगें इस प्रकार हैं : –
01. जनवरी 2026 की स्थिति से कर्मचारियों और पेंशनरों को महंगाई भत्ता जारी करने के साथ 86 महीनों के एरियर्स दिया जावे।
02. अनियमित कर्मचारियों का नियमितीकरण, निकाले गए कर्मचारियों की बहाली, न्यून मानदेय कर्मचारियों को न्यूनतम वेतन, अंशकालीन कर्मचारियों को पूर्णकालीन, आउटसोर्सिंग/ठेका के माध्यम से नियोजन सिस्टम बंद किया जावे।
03. नगरीय निकाय कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना लागू किया जावे।
04. स्वास्थ्य विभाग में ठेका पद्धति (लैब एवं फार्मेसी) की प्रथा समाप्त किया जावे।
05. नियमित, अनियमित कर्मचारियों एवं पेंशनरों के लिए मध्यप्रदेश की तर्ज पर 20 लाख रुपये तक कैशलेस उपचार की सुविधा लागू किया जावे।



