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जाति प्रमाण पत्र पर आर-पार… दिल्ली दरबार में यादव समाज की हुंकार…

थेथेवार नहीं, ठेठवार लिखो - दिल्ली में यादव समाज ने रखी दो टूक मांग

नई दिल्ली/रायपुर। छत्तीसगढ़ में अहीर जाति के अंतर्गत आने वाले रावत एवं ठेठवार समाज के जाति प्रमाण पत्र की समस्या अब दिल्ली दरबार तक पहुँच गई है। इस गंभीर और लंबे समय से लंबित मांग को लेकर सर्व यादव समाज छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष रमेश यदु के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल इन दिनों दिल्ली प्रवास पर है।

प्रतिनिधिमंडल ने इसी क्रम में भारत सरकार के शहरी विकास राज्य मंत्री तोखन साहू और सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री बी.एल. वर्मा से मुलाकात कर पूरे मामले पर विस्तार से चर्चा की। मंत्री बी.एल. वर्मा से चर्चा के बाद उनके निर्देश पर प्रतिनिधिमंडल ने सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के सचिव संकेत अग्रवाल से मंत्रालय में अहम बैठक की।

क्या है मुख्य समस्या?

प्रतिनिधिमंडल ने सचिव के समक्ष प्रमुख रूप से ये बिंदु रखे

1. केंद्रीय सूची में अस्पष्टता: छत्तीसगढ़ में रावत जाति को अहीर का उपवर्ग माना जाता है, लेकिन केंद्रीय पिछड़ा वर्ग सूची में स्थिति स्पष्ट न होने से युवाओं को सेंट्रल OBC सर्टिफिकेट नहीं बन पा रहा है।

2. नौकरी और एडमिशन में नुकसान: इसके चलते केंद्र सरकार के उपक्रमों, केंद्रीय नौकरियों और शैक्षणिक संस्थानों में पात्र युवाओं को नुकसान हो रहा है। हाल ही में नवोदय विद्यालय प्रवेश में भी कई बच्चों को इसी कारण परेशानी झेलनी पड़ी।

3. नाम की विसंगति: ठेठवार जाति का नाम हिंदी अभिलेखों में कई जगह ‘थेथेवार’ लिख दिया जाता है, जिससे प्रमाण पत्र बनने में अड़चन आती है। समाज ने इस वर्तनी की त्रुटि को तुरंत सुधारने की मांग की।

प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि छत्तीसगढ़ पिछड़ा वर्ग आयोग और राज्य के पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के माध्यम से इस पूरे प्रकरण के दस्तावेज और प्रस्ताव लगभग एक साल पहले ही सामाजिक न्याय मंत्रालय, नई दिल्ली को भेजे जा चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं हो पाया है।

सचिव ने दिया आश्वासन :-

सचिव संकेत अग्रवाल ने प्रतिनिधिमंडल की सभी बातों को गंभीरता से सुना और कुछ प्रशासनिक पहलुओं से भी अवगत कराया। उन्होंने आश्वस्त किया कि इस विषय पर जल्द ही संबंधित अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी और लगातार संपर्क बनाए रखने को कहा। मुलाकात के अंत में प्रतिनिधिमंडल की ओर से सचिव को महाप्रभु जगन्नाथ की प्रतिमा भेंट की गई।

समाधान जल्द निकलेगा :-

इस मुलाकात को रावत-ठेठवार समाज के लिए एक निर्णायक कदम माना जा रहा है। समाज को उम्मीद है कि केंद्र और राज्य के समन्वय से वर्षों पुरानी इस समस्या का स्थायी समाधान जल्द निकलेगा।

यह रहें शामिल :-

प्रतिनिधिमंडल में ये रहे शामिल: मनोज यादव, गजानंद यादव, विजय यादव, अजय यादव, मंजीत यादव, पवन यादव, कन्हैया यादव, चंदन सोनी, अनूप यादव, धनमती यादव, श्रीमती गीता यादव एवं खिरोद्री यादव सहित अन्य प्रतिनिधि।

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