संकल्प 2047 :-प्राचार्य सम्मेलन राजधानी में सम्पन्न… शिक्षा पर विशेष ज़ोर…


रायपुर । श्री श्री विश्वविद्यालय ने राजधानी में इतवार को एक निजी होटल में “संकल्प-2047” शीर्षक से प्राचार्य सम्मेलन का सफल आयोजन किया, जिसमें रायपुर के उच्च माध्यमिक विद्यालयों के प्राचार्य एवं शिक्षकों ने सहभागिता की। यह सम्मेलन सार्थक संवाद और सहयोग के उद्देश्य से आयोजित किया गया।मूल्य-समृद्ध समाज के निर्माण की परिकल्पना के अनुरूप समग्र एवं मूल्य आधारित शिक्षा को आगे बढ़ाना रहा है । ये गुरुदेव श्री श्री रविशंकर किसे अच्छी तरह से प्रेरित इस आयोजन में इस बात पर बल दिया गया कि शिक्षक केवल सूचना का आदान प्रदान नहीं बल्कि एक परिवर्तनकारी प्रक्रिया है ।
समावेश की आवश्यकता पर बल :-
प्रतिभागियों ने शिक्षकों के कल्याण को सुदृढ़ करने के इस संरचित दृष्टिकोण की सराहना की, जिसे विद्यार्थियों के बेहतर परिणामों से जोड़ा गया। सभा को संबोधित करते हुए श्री श्री विश्वविद्यालय के कार्मिक निदेशक स्वामी सत्यचैतन्यने शैक्षणिक उत्कृष्टता के साथ मूल्यों के समावेशन की आवश्यकता पर बल दिया और शिक्षा के माध्यम से शिक्षकों एवं विद्यार्थियों को गहरे मानवीय स्तर पर सशक्त बनाकर तनाव-मुक्त एवं मूल्य-समृद्ध समाज के निर्माण की परिकल्पना को दोहराया।
निर्णायक भूमिका निभाएंगे:-
प्रबंधन अध्ययन संकाय के संकायाध्यक्ष प्रो. डॉ. बिप्लब कुमार बिस्वाल ने कहा कि शिक्षा प्रतिस्पर्धा नहीं, बल्कि सहयोग का माध्यम है, और भारत विश्व के भविष्य को आकार देने में निर्णायक भूमिका निभाएगा। उन्होंने उभरते करियर पर कृत्रिम बुद्धिमत्ता और स्वचालन के परिवर्तनकारी प्रभाव पर भी चर्चा की तथा वर्ष 2035 तक उच्च शिक्षा में सकल नामांकन अनुपात (GER) को 50 प्रतिशत तक बढ़ाने के राष्ट्रीय लक्ष्य का उल्लेख किया।
एक सार्थक पहल:-पूजा जिंदल
विश्वविद्यालय के आईसीटी प्रमुख जयेश दौलतजादा ने “स्ट्रेस टू स्ट्रेंथ” विषय पर बोलते हुए व्यक्तिगत एवं व्यावसायिक जीवन में तनाव प्रबंधन के लिए दैनिक दिनचर्या में सरल श्वास तकनीकों को अपनाने की वकालत की। आर्ट ऑफ लिविंग की संकाय सदस्य पूजा जिंदल ने ‘इंट्यूशन प्रोसेस’ को युवा पीढ़ी में अंतर्ज्ञान और चेतना के विकास हेतु एक सार्थक पहल बताया, जो उनकी एकाग्रता, प्रतिभा और बौद्धिक विकास को सुदृढ़ करता है । सम्मेलन के प्रतिभागी शिक्षकों ने अपने-अपने संस्थानों में व्यावहारिक रणनीतियों को लागू कर “संकल्प-2047” के दृष्टिकोण-एक प्रगतिशील, समावेशी और मूल्य-आधारित शैक्षिक पारिस्थितिकी तंत्र को साकार करने का प्रण लिया।
आयोजन दल के प्रयासों की सराहना:-
विश्वविद्यालय के नेतृत्व टिम् से कुलाध्यक्षा प्रो. राजिता कुलकर्णी, कुलपति प्रो. डॉ. तेज प्रताप,कार्मिक निदेशक स्वामी सत्य चैतन्य, कार्यकारी कुलसचिव प्रो. डॉ. अनिल कुमार शर्मा तथा मानव संसाधन उपनिदेशक श्ज्योति रंजन गडनायक प्रमुख कार्यक्रम की सफलतापूर्वक संपन्नता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए आयोजन दल के प्रयासों की सराहना की।
सफलता संयुक्त प्रयासों से संभव:-
कार्यक्रम की सुचारु व्यवस्था और सफलता जनसंपर्क एवं प्रवेश विभागों के संयुक्त प्रयासों से संभव हुई, जिसमें मीडिया संचार प्रबंधक हितांशु शेखर मोहंता ने “संकल्प-2047” के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु मीडिया समन्वय एवं संचार रणनीतियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
आर्ट ऑफ लिविंग सदस्य सक्रिय भागिदारी:-
कार्यक्रम में आर्ट ऑफ लिविंग अपेक्स सदस्य सुधाकर राव, जिला शिक्षक समन्वयक महेन्द्र गुप्ता, जोन शिक्षक समन्वयक नीति मिश्रा एवं आर्ट ऑफ लिविंग राज्य मीडिया समन्वयक दीपेन्द्र दीवान की महत्त्वपूर्ण और सक्रिय भागिदारी रही।




