छत्तीसगढ़

नारी शक्ति के नाम पर…सियासी शक्ति का प्रदर्शन…दुर्ग में रमेश यदु का मेगा शो…पर्दे के पीछे कांग्रेस प्रवेश की डील…

दुर्ग 17 अक्टूबर ।  सिकोला भाठा दुर्ग में सर्व यादव समाज द्वारा आयोजित कन्या पूजन एवं मातृशक्ति सम्मान समारोह सिर्फ एक सामाजिक आयोजन नहीं था। ऊपर से यह नारी सम्मान और बेटियों की आत्मरक्षा का संदेश था, लेकिन अंदरखाने में यह दुर्ग की यादव राजनीति में नए समीकरण गढ़ने की कवायद है।

बेटियों को भी सिखाने का समय :-

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि प्रदेश अध्यक्ष रमेश यदु ने कहा – “नारी शक्ति समाज को नई दिशा दे सकती है, बेटियों को आत्मरक्षा के लिए सीखनी चाहिए शौर्य कला। पहले समाज में अखाड़ों में लाठी, तलवार, फरसा सिखाया जाता था, अब बेटियों को भी सिखाने का समय आ गया है।”

नारी एवं युवा शक्ति :-

महिला प्रकोष्ठ की प्रदेश अध्यक्ष धनमती यादव ने कहा – “नारी एवं युवा शक्ति से ही समाज बनेगा नशामुक्त और शिक्षायुक्त।” वहीं सीमा यादव ने जनचेतना के लिए महिलाओं से आगे आने की अपील की।

21 मातृशक्तियों का सम्मान :-

जिला अध्यक्ष राजदीप यादव ने बताया कि 15 दिनों में ब्लॉकों का गठन और दीपावली के बाद बड़ा शपथ ग्रहण व दीपावली मिलन समारोह होगा। समारोह में 21 कन्याओं का पूजन और 21 मातृशक्तियों का सम्मान हुआ। इस दौरान पूर्व कैबिनेट मंत्री स्व. हेमचंद यादव के पुत्र जीत हेमचंद यादव का जन्मदिन भी मनाया गया।

असली सियासत – दुर्ग ही क्यों ?

अब इस आयोजन के पीछे की असली कहानी। सूत्र बताते हैं कि रमेश यदु का दुर्ग में लगातार कैंप करने का सीधा टारगेट क्षेत्रीय विधायक और वर्तमान कैबिनेट मंत्री गजेंद्र यादव हैं।

समाज के लोगों में चर्चा है कि गजेंद्र यादव ने मंत्री बनने से पूर्व तक समाज से गहरी नजदीकी रखी, हर सामाजिक कार्य में योगदान दिया, लेकिन मंत्री बनने के बाद उन्होंने समाज से दूरी बना ली। लोग खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।

सियासी गलियारों में बड़े संकेत :-

इसी खालीपन को भरने के लिए रमेश यदु ने दुर्ग को केंद्र बनाया है। प्रदेश भर के यादव समाज के प्रमुखों को दुर्ग में ही एकत्रित कर आयोजन करवाना, और इसमें गजेंद्र यादव को आमंत्रित तक न करना, सियासी गलियारों में बड़े संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।

कांग्रेस प्रवेश की तैयारी :-

इसी रणनीति के तहत पूर्व मंत्री स्व. हेमचंद यादव के पुत्र जीत यादव को मंच पर लाना प्रमुखता से रखा गया, वहीं समाज के प्रमुख स्तंभ मनोज यादव को लेकर बड़ी खबर यह है कि मनोज यादव कांग्रेस प्रवेश करने की तैयारी में हैं, जिसका रमेश जैसे समाज के बड़े नेता के मार्गदर्शन  में कांग्रेस के  पूर्व मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रवेश करने की नीति बना रहे हैं ताकि आने वाले समय में समाज को लाभ मिल सके।

रमेश का एक ही संकल्प बताया जा रहा है – टिकट यादव को ही मिले, चाहे भाजपा से हो या कांग्रेस से, लेकिन ऐसा यादव जो समाज का हो और सभी वर्गों को साधते हुए शासन की योजनाओं का लाभ समाज के लोगों तक पहुंचा सके।

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