भिलाई इस्पात संयंत्र बिकाऊ नहीं… बिक्री की खबरें असत्य और भ्रामक…इस्पात मंत्रालय और PIB ने किया खंडन…

रायपुर, 18 अक्टूबर । सोशल मीडिया और कुछ प्रिंट मीडिया में भिलाई इस्पात संयंत्र (BSP) को बेचने या निजीकरण करने की योजना को लेकर चल रही खबरों पर विराम लग गया है। भिलाई इस्पात संयंत्र प्रबंधन ने इन खबरों को पूरी तरह से असत्य, भ्रामक और निराधार बताया है।
दावों का सिरे से खंडन :-
भिलाई इस्पात संयंत्र प्रबंधन के अनुसार इस संबंध में इस्पात मंत्रालय, भारत सरकार ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल के माध्यम से इन दावों का सिरे से खंडन किया है। वहीं प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) की फैक्ट चेक इकाई ने भी अपनी जांच में इन खबरों को झूठा करार दिया है।
PIB फैक्ट चेक ने साफ कहा है कि – “यह दावा असत्य है। भारत सरकार द्वारा भिलाई इस्पात संयंत्र की बिक्री / निजीकरण की कोई योजना नहीं है।”
अफवाहों पर विश्वास न करें:-
संयंत्र प्रबंधन ने अपने सभी कर्मचारियों, अधिकारियों, हितधारकों और समस्त छत्तीसगढ़ की जनता से अपील की है कि वे ऐसी अपुष्ट और अफवाह भरी सूचनाओं पर विश्वास न करें और न ही उसे आगे शेयर करें।
जनता में अनावश्यक भ्रम :-
सोशल मीडिया या किसी अन्य माध्यम पर किसी भी जानकारी को साझा करने से पहले आधिकारिक और प्रमाणित स्रोतों से उसकी पुष्टि जरूर करें। इस तरह की भ्रामक खबरों से कर्मचारियों, उनके परिवारों और प्रदेश की जनता में अनावश्यक भ्रम और चिंता की स्थिति बनती है।
छत्तीसगढ़ के गौरव का प्रतीक है BSP:-
भिलाई इस्पात संयंत्र केवल एक औद्योगिक प्रतिष्ठान नहीं है, बल्कि यह छत्तीसगढ़ की पहचान, गौरव और औद्योगिक विरासत का अभिन्न अंग है।
अपनी स्थापना से लेकर आज तक BSP ने छत्तीसगढ़ के औद्योगिक विकास में अहम भूमिका निभाई है। इसने लाखों लोगों को रोजगार दिया है, सैकड़ों सहायक उद्योगों को बढ़ावा दिया है और हजारों परिवारों की आजीविका का आधार बना है।
सेल (SAIL) की एक प्रमुख इकाई के रूप में भिलाई इस्पात संयंत्र देश के इस्पात क्षेत्र की प्रगति और भारत की औद्योगिक क्षमताओं को लगातार मजबूत कर रहा है




