‘बेनाम’ हो गया स्वास्थ्य विभाग! करोड़ों की बिल्डिंग पर नहीं लगा है नाम का बोर्ड…भटक रहे हैं मरीज और परिजन…

रायपुर 03 अगस्त । छत्तीसगढ़ की स्वास्थ्य व्यवस्था का हाल देखना है तो नवा रायपुर स्थित स्वास्थ्य विभाग के मुख्यालय आ जाइए। यह वही बिल्डिंग है [फोटो में] जहाँ से पूरे प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग का संचालन होता है। DHS से लेकर NHM तक, सारे विभाग इसी में बैठते हैं।
विभाग का नाम ही नहीं लिखा :-
लेकिन हैरानी की बात ये है कि इस आलीशान बिल्डिंग के बाहर कहीं भी बड़े अक्षरों में विभाग का नाम ही नहीं लिखा है। न बोर्ड, न सूचना पटल। नतीजा – सुदूर जिलों से अपना इलाज या काम लेकर आने वाले गरीब लोगों को घंटों इधर-उधर भटकना पड़ता है। लोगों को पता ही नहीं चल पाता कि स्वास्थ्य से जुड़ा कौन सा काम किस फ्लोर पर होगा।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बिल्डिंग तो बना दी गई, लेकिन एक छोटा सा नाम प्लेट लगाना अफसर भूल गए। या फिर जानबूझकर नहीं लगाया गया ताकि आम जनता अंदर आने से कतराए?
अंदरूनी खींचतान की चर्चा जोरों पर :-
और इससे भी बड़ी बात ये है कि इस अव्यवस्था से स्वास्थ्य मंत्री पूरी तरह बेखबर हैं। विभाग में इन दिनों अंदरूनी खींचतान की चर्चा जोरों पर है। सूत्रों की मानें तो संसाधन और विभागीय अधिकारियों के बीच तालमेल की भारी कमी है, जिसका खामियाजा सीधे जनता को भुगतना पड़ रहा है।
जब मुख्यालय का ही ये हाल है, जहां प्रदेश के स्वास्थ्य की पूरी प्लानिंग होती है, तो आप अंदाजा लगा सकते हैं कि जमीनी स्तर पर, गांव के PHC-CHC में स्वास्थ्य व्यवस्था की क्या स्थिति होगी।
कमीशन-खोरी तक ही सीमित :-
सवाल यही है – क्या स्वास्थ्य विभाग सिर्फ कागजों और कमीशन-खोरी तक ही सीमित रह गया है? क्या एक नाम का बोर्ड लगाने के लिए भी किसी को कमीशन चाहिए? शासन को इस पर तुरंत ध्यान देना चाहिए।



