जे.पी. नड्डा का बयान संदेहास्पद और षड्यंत्रकारी…जीरम हत्याकांड में तत्कालीन रमन सरकार और NIA की भूमिका की हो जवाबदेही तय: -मनोज सिंह ठाकुर

रायपुर l भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.पी. नड्डा द्वारा जीरम घाटी हत्याकांड को लेकर दिए गए बयान को वरिष्ठ कांग्रेस नेता, अधिवक्ता एवं पूर्व सदस्य छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण मंडल, मनोज सिंह ठाकुर ने पूरी तरह संदेहास्पद और राजनैतिक दुर्भावना से प्रेरित बताया है। ठाकुर ने कहा कि नड्डा का यह बयान असल अपराधियों को बचाने की एक नई कोशिश है।
मुख्य बिंदु:-
तत्कालीन भाजपा शासन की संदिग्ध भूमिका: मनोज सिंह ठाकुर ने कड़ा सवाल दागते हुए कहा कि जब यह नरसंहार हुआ, तब प्रदेश में डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार थी। इंटेलिजेंस की भारी विफलता और कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा से सुरक्षा हटाया जाना एक सोची-समझी साजिश की ओर इशारा करता है। यदि नड्डा जी आज कांग्रेस पर आरोप लगा रहे हैं, तो उन्हें यह भी बताना होगा कि उस वक्त की भाजपा सरकार और उसके नेताओं की कुछ संदिग्धों के साथ क्या साठगांठ थी?
एजेंसी का इस्तेमाल:-
जांच में बाधा और NIA का दुरुपयोग: ठाकुर ने आरोप लगाया कि NIA (राष्ट्रीय जांच एजेंसी) का इस्तेमाल केंद्र की भाजपा सरकार ने केवल सच को दबाने के लिए किया है। जब तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने राज्य पुलिस के माध्यम से पृथक जांच (SIT) करानी चाही, तो भाजपा सरकार ने अदालतों और तकनीकी अड़चनों के माध्यम से उसे बार-बार रुकवाया। आखिर भाजपा को किस बात का डर है जो वह ‘लार्जर कॉन्स्पिरेसी’ (बड़े षड्यंत्र) की जांच से भाग रही है?
कार्यवाही और रिपोर्ट उलझाया गया :-
न्यायिक आयोग की अधूरी रिपोर्ट: उन्होंने कहा कि न्यायिक जांच आयोग की कार्यवाही और रिपोर्ट को जिस तरह से उलझाया गया, वह साबित करता है कि भाजपा शासन और तत्कालीन मुख्यमंत्री इस नरसंहार के असली सच को कभी सामने नहीं आने देना चाहते थे।
पंडित शुक्ल के बलिदान का अपमान: –
मनोज सिंह ठाकुर ने कहा,पंडित विद्याचरण शुक्ल जी जैसे कद्दावर नेता की शहादत पर राजनीति करना बंद करें। नड्डा जी का बयान यह स्पष्ट करता है कि उनके पास कुछ ऐसी जानकारी है जिसे उन्होंने और उनकी पार्टी ने सालों तक छिपाए रखा। यदि उनके पास सबूत हैं, तो वे उन भाजपा नेताओं और अधिकारियों के नाम क्यों उजागर नहीं करते जिन्होंने इस खूनी साजिश की पटकथा तैयार की थी
झूठ का सहारा:-
मनोज सिंह ठाकुर ने चेतावनी दी है कि भाजपा अपनी विफलताओं और संदेहास्पद चरित्र को छिपाने के लिए झूठ का सहारा न ले। छत्तीसगढ़ की जनता जानती है कि जीरम का सच रमन सरकार की फाइलों में दबाया गया था, जिसे उजागर करना ही शहीदों को सच्ची श्रद्धांजलि होगी।




