छत्तीसगढ़ में ‘एक देश – एक कानून…. शादी, परिवार और विरासत के नियम कैसे हों ? …हुई खास चर्चा

रायपुर, 14 अक्टूबर । छत्तीसगढ़ में समान नागरिक संहिता यानी UCC को लागू करने से पहले सरकार सबकी राय ले रही है। इसके लिए एक खास कमेटी बनाई गई है। आज पुराने सर्किट हाउस में इस कमेटी ने बड़ी बैठक की।
कमेटी में शामिल थे :-
पूर्व IAS अधिकारी एम. के. राउत, वरिष्ठ वकील मोहन पवार और श्रीमती ज्योतिरानी सिंह। उन्होंने सबसे पहले सभी को बताया कि UCC क्या होता है।
2 बहुत महत्वपूर्ण बातें :-
1. आदिवासी समाज ने क्या कहा?
रानी दुर्गावती जागृति महिला मंडल की महिलाओं – डॉ. वेदवती मंडावी, राजकुमारी ठाकुर, नमिता नुरूटी और अन्य ने कहा कि आदिवासी समाज की अपनी पुरानी परम्पराएं और संस्कृति है। यह बहुत अनोखी है। इसलिए हमें UCC से अलग रखा जाए, ताकि हमारी पहचान बनी रहे।
2. दूसरे समाज के लोगों ने क्या कहा?
दूसरे सत्र में मुस्लिम, ईसाई, बौद्ध और सतनामी समाज के प्रमुख आए। उन्होंने 4 विषयों पर अपने विचार रखे –
• शादी और तलाक का रजिस्ट्रेशन जरूरी होना चाहिए
• संपत्ति और वसीयत के नियम
• गुजारा-भत्ता
• लिव-इन रिलेशनशिप
इस चर्चा में अहमद नूरानी, अयाज तनवीर, फादर तरूण, रविन्द्र गाडगे और बी.एल. कुर्रे जैसे कई प्रतिनिधि मौजूद थे।
अंत में कमेटी ने कहा कि आप सभी के सुझाव बहुत कीमती हैं। हम सभी बातों को ध्यान से सुनेंगे और ऐसा कानून बनाने की कोशिश करेंगे जो सभी के लिए सही और बराबर हो।



