बच्चों की सुरक्षा या चंद रुपयों का लालच? ऑटो चालकों पर यातायात पुलिस का शिकंजा…

रायपुर, 12 अक्टूबर । राजधानी में स्कूली बच्चों को लाने-ले जाने वाले ऑटो चालकों की बड़ी लापरवाही सामने आई है। ज्यादा कमाने के चक्कर में ये चालक एक छोटे से ऑटो में 12 से 15 बच्चों को ठूंस-ठूंस कर भर रहे हैं, वो भी बिना किसी सुरक्षा मानक के। इस गंभीर लापरवाही पर अब यातायात पुलिस कमिश्नरेट, ने सख्त रुख अपना लिया है।
यातायात पुलिस द्वारा चलाए गए विशेष जांच अभियान के तहत आज शहर के विभिन्न स्कूल मार्गों पर चेकिंग के दौरान 17 स्कूली ऑटो चालकों पर मोटरयान अधिनियम के तहत चालानी कार्रवाई की गई।
डराने वाली तस्वीर :-
पुलिस ने जब इन ऑटो को रोका तो नजारा चौंकाने वाला था। एक ऑटो जिसकी क्षमता 6 बच्चों की है, उसमें 13-14 बच्चे बैठे मिले। कई ऑटो में चालक की सीट के दोनों तरफ बच्चे बैठाए गए थे, जिससे स्टीयरिंग और ब्रेक पर कंट्रोल मुश्किल हो रहा था। न तो बच्चों के लिए कोई सेफ्टी ग्रिल, न स्पीड पर कंट्रोल। छोटी सी टक्कर भी बड़े हादसे में बदल सकती है। अभिभावकों का कहना है कि मजबूरी है, फीस कम होने के कारण ऑटो में भेजना पड़ता है, लेकिन चालक मनमानी करते हैं।
पुलिस का सख्त संदेश:-
पुलिस ने सिर्फ चालान ही नहीं काटा, बल्कि सभी चालकों को कड़ी हिदायत भी दी है।
1. निर्धारित सीट क्षमता से एक भी बच्चा अधिक नहीं बैठेगा।
2. चालक के अगल-बगल किसी भी बच्चे को नहीं बैठाया जाएगा।
3. बच्चों की सुरक्षा से कोई समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
एसीपी सीमा अहिवार ने बताया कि स्कूली बच्चों की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। यह अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा। नियम तोड़ने वालों पर FIR तक की कार्रवाई की जाएगी।”
अभिभावकों और स्कूलों से अपील :-
यातायात पुलिस ने सभी पेरेंट्स और स्कूल प्रबंधन से अपील की है कि आंख मूंदकर किसी भी ऑटो में अपने बच्चे को न भेजें। वाहन की फिटनेस, चालक का लाइसेंस और उसकी क्षमता खुद जांच लें। अगर कोई चालक ज्यादा बच्चे बैठाता है तो तुरंत यातायात हेल्पलाइन पर शिकायत करें।
बच्चों के सुरक्षा की उम्मीद :-
एक तरफ पुलिस की मुस्तैदी से बच्चों की सुरक्षा की उम्मीद जगी है, तो दूसरी तरफ यह सवाल भी खड़ा हो गया है कि क्या सिर्फ चालान से यह लालची व्यवस्था सुधरेगी? जरूरत है अभिभावकों की जागरूकता और स्कूलों की जिम्मेदारी तय करने की, ताकि कोई अनहोनी होने से पहले ही इस पर पूरी तरह लगाम लग सके।






