जूनियर डॉक्टर्स की मांग…वेतन बढ़ाओ, बॉन्ड घटाओ..मंत्री ने कहा – हितों का रखेंगे ध्यान…

रायपुर, 28 सितंबर । जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन, छत्तीसगढ़ के प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल से मुलाकात की। इस दौरान जूनियर डॉक्टर्स के वेतन, अनुबंध राशि और सेवा अवधि को लेकर विस्तार से चर्चा हुई।
चार प्रमुख मांगें : –
वेतन स्टाइपेंड से ज्यादा हो:
अनुबंधित पीजी चिकित्सा अधिकारियों का वेतन, पीजी के अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों को मिलने वाले स्टाइपेंड से अधिक होना चाहिए।
बॉन्ड राशि कम हो:-
एमबीबीएस के लिए वर्तमान में निर्धारित अनुबंध राशि को कम किया जाए।
सेवा अवधि 2 साल से घटाकर 1 साल :-
अनुबंधित सेवा की अवधि दो वर्ष से घटाकर एक वर्ष की जाए।
NOC प्रक्रिया सरल हो:-
उच्च अध्ययन के लिए अनापत्ति पत्र (NOC) की प्रक्रिया को सरल बनाया जाए और सुपर-स्पेशियलिटी विशेषज्ञों के लिए अलग कैडर का गठन किया जाए।
शासन स्तर पर विचार :-
स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल ने प्रतिनिधिमंडल की सभी बातों को गंभीरता से सुना। उन्होंने आश्वस्त किया कि पीजी चिकित्सा अधिकारियों के वेतन और अनुबंध राशि सहित सभी मांगों पर शासन स्तर पर विचार किया जाएगा। जो मांगें उचित और नियमों के अनुरूप पाई जाएंगी, उन पर आवश्यक निर्णय लिया जाएगा।
हमारी पहली जिम्मेदारी :-
इस अवसर पर मंत्री ने कहा, “चिकित्सा सेवा मानवता की सबसे बड़ी सेवाओं में से एक है। आप सभी पूरी लगन से अध्ययन करें और बेहतर चिकित्सक बनकर प्रदेश के लोगों की सेवा करें। मरीजों का उपचार और उनकी देखभाल हमारी पहली जिम्मेदारी है। आप अपना कार्य निरंतर जारी रखें, ताकि उपचार के लिए आने वाले किसी भी मरीज को परेशानी न हो। सरकार चिकित्सकों और चिकित्सा विद्यार्थियों के हितों के प्रति संवेदनशील है।”
स्वास्थ्य मंत्री के साथ हुई सकारात्मक चर्चा के बाद प्रतिनिधिमंडल ने संतोष व्यक्त किया और उम्मीद जताई कि जल्द ही उनकी मांगों पर ठोस समाधान निकलेगा।



