रायगढ़ की सांस्कृतिक धड़कन बना चक्रधर समारोह… राज्यपाल रमेन डेका ने किया… 41वें अंतर्राष्ट्रीय महोत्सव का भव्य शुभारंभ…

रायपुर 15 सितंबर । संगीत, नृत्य और कला की नगरी रायगढ़ में सोमवार को कला के आराधक महाराजा चक्रधर सिंह की विरासत को समर्पित 41वें अंतर्राष्ट्रीय चक्रधर समारोह का भव्य आगाज हुआ। छत्तीसगढ़ के राज्यपाल श्री रमेन डेका ने महाराजा चक्रधर सिंह के तैलचित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर 10 दिवसीय महोत्सव का विधिवत शुभारंभ किया।
रामलीला मैदान में 14 से 23 सितंबर तक चलने वाले इस महाकुंभ में देश के ख्यातिप्राप्त कलाकारों के साथ स्थानीय प्रतिभाएं भी अपनी प्रस्तुति देंगी।
यह सिर्फ मंच नहीं:-
समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल रमेन डेका ने कहा कि चक्रधर समारोह केवल कला प्रस्तुतियों का मंच नहीं है, बल्कि यह महाराजा चक्रधर सिंह की कला-साधना को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने कहा – “महाराजा चक्रधर सिंह ने राज-सिंहासन से अधिक महत्व कला को दिया। उन्होंने कलाकारों को संरक्षण दिया और संगीत, नृत्य को आमजन के जीवन से जोड़ा। रायगढ़ घराने के कथक ने आज विश्व स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाई है।”
राज्यपाल ने महाराजा की अमूल्य कृतियों ‘नर्तन सर्वस्व’, ‘तालतोय निधि’ और ‘राग रत्न मंजूषा’ को भारतीय कला जगत की अमूल्य धरोहर बताया। उन्होंने कहा कि रायगढ़ आज औद्योगिक विकास के साथ-साथ घुंघरू की झंकार और तबले की थाप के लिए भी जाना जाता है।
पद्मश्री कलाकारों का सम्मान:-
शुभारंभ अवसर पर राज्यपाल ने पद्मश्री डॉ. उषा बारले, पद्मश्री अनुज शर्मा सहित प्रस्तुति देने वाले कलाकारों का सम्मान किया। पहली शाम की शुरुआत गणेश वंदना से हुई। स्वर्गीय वेदमणि सिंह ठाकुर के शिष्यों ने मनमोहक गणेश वंदना प्रस्तुत कर माहौल को भक्तिमय बना दिया। हारमोनियम पर प्रियंका साहू, तबले पर शांतनु पटेल, बांसुरी पर किशोर बारीक और वायलिन पर शगुफ्ता बानो ने संगत कर शाम को यादगार बना दिया।
PM मोदी ने दिखाई रुचि:-
कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद देवेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि महाराजा चक्रधर सिंह की रचनाओं का संरक्षण हमारी सांस्कृतिक जिम्मेदारी है। उन्होंने बताया कि उन्होंने ग्रंथों के संरक्षण और प्रकाशन का विषय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समक्ष रखा है, जिस पर पीएम ने विशेष रुचि दिखाई है। जल्द ही केंद्र सरकार इस दिशा में बड़ी पहल करेगी।
लोकसभा सांसद राधेश्याम राठिया ने कहा कि चक्रधर समारोह को नई ऊंचाइयों तक ले जाना हम सभी की जिम्मेदारी है।
कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने कहा – “संस्कृति समाज की आत्मा है और कला उसकी जीवंत अभिव्यक्ति। चक्रधर समारोह इसी परंपरा को आगे बढ़ा रहा है।”
इस अवसर पर महापौर जीवर्धन चौहान, जिला पंचायत अध्यक्ष शिखा गबेल सहित प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में कला प्रेमी मौजूद रहे



