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2047 के लिए शिक्षा की नई परिकल्पना… श्री श्री यूनिवर्सिटी ने पटना में आयोजित किया …परिवर्तनकारी प्रिंसिपल्स मीट ‘संकल्प-2047…

पटना l : ओडिशा के कटक स्थित श्री श्री विश्वविद्यालय द्वारा पटना में बहु प्रतीक्षित प्रिन्सपल्स मीट संकल्प-2047’ का आयोजन एक अद्भुत संगम के रूप में उभरा, जहाँ दृष्टि, ज्ञान और शैक्षिक नेतृत्व का प्रभावशाली मेल देखने को मिला। इस आयोजन ने भारत के विज़न-2047 के अनुरूप शिक्षा के भविष्य पर एक नई और सार्थक चर्चा की शुरुआत की। इस प्रतिष्ठित सम्मेलन में शहर के अग्रणी वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों से 100 से अधिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया, जिससे विचार-विमर्श, सहयोग और दूरदर्शी दृष्टिकोणों के आदान-प्रदान के लिए एक सशक्त मंच तैयार हुआ।

शिक्षक की एक जीवंत खोज:-

यह कार्यक्रम समग्र, मूल्य-आधारित और भविष्य-उन्मुख शिक्षा की एक जीवंत खोज के रूप में सामने आया, जिसमें सहज बुद्धिमत्ता, नवाचार और मानवीय मूल्यों के समावेश पर विशेष बल दिया गया, ताकि आने वाली पीढ़ी को सशक्त और सक्षम बनाया जा सके। बौद्धिक रूप से समृद्ध इन सत्रों का संचालन प्रतिष्ठित विशेषज्ञों द्वारा किया गया, जिनके विचारों ने श्रोताओं को गहराई से प्रभावित किया। प्रो. (डॉ.) सुधीर कुमार महापात्र ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और शिक्षा 5.0 पर एक महत्वपूर्ण सत्र प्रस्तुत किए, जिनमें उन्होंने समग्र और नवाचारी स्कूली शिक्षा के लिए व्यावहारिक मार्गदर्शन दिया। साथ ही शिक्षा में सृजनात्मक परिवर्तन विषय पर उन्होंने डिज़ाइन थिंकिंग, अनुभवात्मक शिक्षण और नवाचार-आधारित शिक्षण पद्धति की परिवर्तनकारी शक्ति को रेखांकित किया, जिससे विद्यार्थी केवल प्रणाली का हिस्सा न बनकर उसके निर्माता बन सकें। इसी क्रम में स्वामी परमतेज ने अपने प्रेरणादायक सत्र “तनाव से शक्ति की ओर” के माध्यम से विद्यार्थियों में बढ़ते तनाव, डिजिटल निर्भरता और भावनात्मक चुनौतियों से निपटने के लिए व्यावहारिक एवं प्रभावी उपाय प्रस्तुत किए, साथ ही आत्मबल और लचीलापन विकसित करने पर जोर दिया। उन्होंने प्रोजेक्ट दिशा का भी परिचय कराया, जो शिक्षकों को मानसिक स्वास्थ्य, परामर्श और करियर मार्गदर्शन के क्षेत्र में सक्षम बनाने की एक दूरदर्शी पहल है, जिसमें प्राचीन ज्ञान और आधुनिक मनोविज्ञान का संतुलित समन्वय किया गया है।

एक स्वर में दिया बल:-

यह कार्यक्रम सहयोग और साझा उद्देश्य की भावना से परिपूर्ण रहा, जहाँ वक्ताओं ने एक स्वर में इस बात पर बल दिया कि शिक्षा जगत के नेताओं के बीच सतत संवाद अत्यंत आवश्यक है, ताकि एक सशक्त, अनुकूल और भविष्य के लिए तैयार पीढ़ी का निर्माण किया जा सके। कार्यक्रम का शुभारंभ श्री श्री यूनिवर्सिटी की नमिता सिंह द्वारा दिए गए स्वागत भाषण से हुआ, जिसने पूरे आयोजन के लिए एक सकारात्मक और सौहार्दपूर्ण वातावरण निर्मित किया, वहीं मनीष कुमार ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए कार्यक्रम का समापन किया। इस सफल आयोजन के पीछे मीडिया संचार प्रबंधक हितांशु शेखर महांत का विशेष योगदान रहा, जिन्होंने शहर के विभिन्न विद्यालयों के प्रधानाचार्यों तक पहुँच बनाने से लेकर प्रभावी प्रचार-प्रसार तक अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। विश्वविद्यालय के कुलाध्यक्षा प्रो. रजिता कुलकर्णी, कुलपति प्रो. (डॉ.) तेजप्रताप एवं कार्मिक निदेशक स्वामी सत्यचैतन्य ने आयोजन की भव्य सफलता पर पूरी आयोजक समिति को हृदय से बधाई और धन्यवाद दिया। इस प्रकार ‘संकल्प-2047’ प्रगतिशील शैक्षिक चिंतन का एक प्रेरणास्रोत बनकर उभरा, जो न केवल विद्यार्थियों को भविष्य के लिए तैयार करता है, बल्कि उन्हें उसे आकार देने के लिए भी प्रेरित करता है।

1) संकल्प-2047: श्री श्री यूनिवर्सिटी ने पटना में शिक्षा के भविष्य को लेकर रचा नई दृष्टि का मंच

2) शिक्षा 2047 की ओर बड़ा कदम: पटना में श्री श्री यूनिवर्सिटी का परिवर्तनकारी प्रिंसिपल्स मीट ‘संकल्प

3) विजन 2047 पर मंथन: पटना में श्री श्री यूनिवर्सिटी के ‘संकल्प’ ने शिक्षा नेतृत्व को दी नई दिशा

4) भविष्य की शिक्षा का खाका तैयार: पटना में आयोजित ‘संकल्प-2047’ बना नवाचार और नेतृत्व का केंद्र

5) श्री श्री यूनिवर्सिटी का ‘संकल्प-2047’: पटना में शिक्षा सुधार और नवाचार पर ऐतिहासिक संवाद

6) पटना में शिक्षा क्रांति की दस्तक: ‘संकल्प-2047’ में भविष्य की स्कूलिंग पर बड़ा मंथन

7) 2047 की शिक्षा कैसी होगी? पटना में श्री श्री यूनिवर्सिटी ने दिया बड़ा विज़न

8) प्रिंसिपल्स मीट ‘संकल्प-2047’ में खुला शिक्षा का नया रोडमैप

9) संकल्प-2047: शिक्षा के भविष्य की नई दिशा

10) पटना में शिक्षा नेतृत्व का महाकुंभ – संकल्प-2047”
“शिक्षा 2047 पर बड़ा मंथन, पटना बना केंद्र

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