ध्वनि प्रदूषण एवं प्रशासनिक निष्क्रियता…पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली पर उठा सवाल…

रायपुर। नगर पालिक निगम रायपुर के लाल बहादुर शास्त्री वार्ड क्रमांक 51 की पार्षद रेणु जयंत साहू ने वार्ड में लगातार हो रहे
रेणु जयंत साहू ने कहा कि एक तरफ पुलिस कमिश्नरेट लागू होने के बाद रात 10 बजे तक डीजे बंद कराने के बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग नजर आ रही है। वार्ड स्थित पंजाब केसरी भवन में आए दिन बिना अनुमति के तेज ध्वनि में डीजे बजाया जा रहा है और निर्धारित समय सीमा का खुलेआम उल्लंघन हो रहा है।
उन्होंने कहा कि इस संबंध में कई बार शिकायत करने के बावजूद भी कोई कार्रवाई नहीं होना बेहद चिंताजनक है। इससे यह साफ प्रतीत होता है कि प्रशासन आम नागरिकों की समस्याओं को लेकर गंभीर नहीं है और कहीं न कहीं दोहरी नीति अपनाई जा रही है।
पार्षद रेणु जयंत साहू ने कहा कि तेज डीजे के कारण वार्डवासी अपने ही घरों में चैन से नहीं रह पा रहे हैं। बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है, बुजुर्गों और मरीजों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी मूकदर्शक बने हुए हैं।
उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि यदि नियमों का पालन ही नहीं कराया जा सकता, तो कमिश्नरेट प्रणाली लागू करने का औचित्य क्या है? यह केवल लापरवाही नहीं, बल्कि कानून व्यवस्था की साख पर सीधा प्रहार है।
रेणु जयंत साहू ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि अवैध रूप से डीजे बजाने पर तत्काल रोक नहीं लगाई गई और दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो वे वार्डवासियों के साथ सड़क पर उतरकर आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।




