श्री श्री विश्वविद्यालय में… शहद से स्वरोजगार तक का नया मार्ग…

कटक/रायपुर, 24 मार्च l ओडिशा के कटकस्थित श्री श्री विश्वविद्यालय में मूल्य वर्धित मधुमक्खी उत्पादों पर एक क्षमता संवर्धन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य मधुमक्खी पालकों को पारंपरिक शहद उत्पादन से आगे बढ़कर आय के नए स्रोत विकसित करने के लिए प्रशिक्षित करना था।
जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में :-
यह आयोजन ‘फेस्टिवल ऑफ इंस्पिरेशन’ के तहत किया गया, जो आर्ट ऑफ लिविंग फाउंडेशन के 45 वर्ष पूर्ण होने तथा गुरुदेव श्री श्री रविशंकर के 70वें जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम का संचालन कृषि संकाय की सहायक प्राध्यापिका एवं प्रशिक्षण समन्वयक डॉ. सीमा त्रिपाठी के नेतृत्व में हुआ। उन्होंने प्रतिभागियों को शहद आधारित नवाचारी उत्पादों के निर्माण और विपणन से जुड़ी व्यावहारिक तकनीकों की जानकारी दी।
किसानों ने उत्साहपूर्वक लिया भाग:-
इस प्रशिक्षण में ओडिशा के कटक, खौर्द्धा, ढेंकानाल, मयूरभंज, जगतसिंहपुर और क्योंझर जैसे जिलों से आए मधुमक्खी पालकों और किसानों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतिभागियों की सक्रिय भागीदारी ने मधुमक्खी पालन में मूल्य संवर्धन और उद्यमिता के प्रति बढ़ती रुचि को दर्शाया। कृषि संकायाध्यक्ष प्रो. (डॉ.) एस. कुमारस्वामी ने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि शैक्षणिक संस्थानों और किसानों के बीच सहयोग से नवाचार, स्थिरता और ग्रामीण आजीविका को बढ़ावा मिल सकता है। कार्यक्रम को डॉ. शुभ्रज्योति पंडा का भी सहयोग प्राप्त हुआ। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण छात्रों और शिक्षकों द्वारा तैयार किए गए मूल्य वर्धित उत्पादों का प्रदर्शन रहा। इनमें हनी ओट्स लड्डू, बीज़वैक्स लिप बाम, हनी साबुन, हनी चिक्की, हनी से भरी चॉकलेट्स और हनी मफिन्स शामिल थे। इन उत्पादों ने न केवल पोषण के दृष्टिकोण से महत्व को दर्शाया, बल्कि बाजार में उनकी संभावनाओं को भी रेखांकित किया। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को नवाचारी और बाजार-उन्मुख उत्पादों के माध्यम से आय के स्रोतों में विविधता लाने के लिए प्रेरित किया गया। साथ ही, मधुमक्खियों की परागण, जैव विविधता संरक्षण और खाद्य सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका पर भी प्रकाश डाला गया तथा वैज्ञानिक मधुमक्खी पालन अपनाने पर जोर दिया गया। कुलपति प्रो. डॉ. तेजप्रताप एवं कार्मिक निदेशक स्वामी सत्यचैतन्य ने भी कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए आयोजकों की सराहना की।



