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कोई भी कानून से ऊपर नहीं…अंकिता भंडारी केस में…श्रीनिवास बी.वी. का मोदी सरकार पर सीधा हमला…

नई दिल्ली ।  अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने के लिए कांग्रेस सेवादल का हल्ला-बोल, कैंडल मार्च निकालकर केंद्र को घेरा ।

न्याय की मांग :-

अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की मांग ने एक बार फिर राजधानी दिल्ली में जोर पकड़ लिया है। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस सेवादल ने गुरुवार को नई दिल्ली में विशाल कैंडल मार्च निकालकर इस मामले में न्याय की मांग को और तेज कर दिया।

अंकिता को न्याय दो :-

सेवादल कार्यकर्ताओं ने हाथों में मोमबत्तियां लेकर अंकिता भंडारी को श्रद्धांजलि दी और उनके परिवार के साथ एकजुटता दिखाई। इस दौरान “अंकिता को न्याय दो” के नारों से पूरा माहौल गूंज उठा। सेवादल का साफ कहना है कि इस मामले की जांच किसी भी राजनीतिक दबाव से मुक्त, पारदर्शी और समयबद्ध होनी चाहिए।

श्रीनिवास बी.वी. ने कार्रवाई की मांग :-

कैंडल मार्च के बाद सभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस सेवादल के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीनिवास बी.वी. ने सीधा हमला बोला। उन्होंने मामले से जुड़े VVIP दुष्यंत गौतम पर लग रहे आरोपों को लेकर सक्षम अधिकारियों से तत्काल और निष्पक्ष जांच की मांग की।

नियुक्ति से जांच प्रभावित नहीं :-

उन्होंने भाजपा सरकार द्वारा दुष्यंत गौतम को हाल ही में सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किए जाने पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि नियुक्ति से जांच प्रभावित नहीं होनी चाहिए।

श्रीनिवास बी.वी. ने कहा

“अंकिता भंडारी को न्याय मिलना ही चाहिए। कोई भी राजनीतिक पद या प्रभाव किसी व्यक्ति को कानून से ऊपर नहीं रख सकता। इस मामले से जुड़े हर गंभीर आरोप की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और जहां साक्ष्यों से दोष साबित हो, वहां जवाबदेही तय हो। भाजपा सरकार को उठ रहे सवालों का जवाब देना होगा । , न्याय केवल खोखले आश्वासनों तक सीमित नहीं रह सकता।”

न्याय तक जारी रहेगी लड़ाई :-

कांग्रेस सेवादल ने स्पष्ट किया कि यह कैंडल मार्च सिर्फ शोक नहीं, बल्कि सत्य और जवाबदेही की लड़ाई का ऐलान है। संगठन ने मांग की कि –

1.  अंकिता भंडारी मामले की जांच राजनीतिक हस्तक्षेप के बिना हो।

2.  परिवार की चिंताओं को गंभीरता से सुना जाए।

3.  हर प्रासंगिक आरोप की स्वतंत्र जांच कर जवाबदेही तय की जाए।

सेवादल ने संकल्प लिया कि जब तक अंकिता भंडारी को न्याय नहीं मिलता, तब तक वह सड़क से संसद तक उनकी आवाज उठाता रहेगा।

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